Kumbh Sankranti 2023 Date: सनातन धर्म में हर एक व्रत का अपना विशेष महत्व है। फाल्गुन माह में कुंभ संक्रांति के दिन भी सूर्य का राशि परिवर्तन होता है। इस दौरान सूर्य मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे कुंभ संक्रांति कहा जाता है। कुंभ संक्रांति हिंदू सौर कैलेंडर में ग्यारहवें महीने की शुरुआत का प्रतीक है। वर्ष की सभी बारह संक्रांतियां दान-पुण्य गतिविधियों के लिए अत्यधिक शुभ होती हैं। प्रत्येक संक्रांति के पहले या बाद में निश्चित समयावधि ही संक्रांति संबंधी कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है। कुंभ संक्रांति के लिए संक्रांति के पूर्व की सोलह घटी को शुभ माना जाता है तथा संक्रांति से पूर्व की सोलह घटी की समयावधि समस्त दान-पुण्य क्रियाओं के लिए ली जाती है। कुंभ संक्रांति के दौरान गायों को दान देना अत्यधिक शुभ माना जाता है। साथ ही गंगा में स्नान करना विशेष रूप से त्रिवेणी में जहां गंगा और यमुना मिलती हैं, अत्यधिक शुभ माना जाता है। कुंभ संक्रांति के दिन विधि-विधान से सूर्य देव की पूजा और व्रत किया जाता है। साल 2023 में कुंभ संक्रांति आज 13 फरवरी को है। आइए जानते हैं कुंभ संक्रांति का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन करने वाले दान का महत्व।