जन्माष्टमी 2020
कहा जाता है कि राधा जी उम्र में श्री कृष्ण से बड़ी थी। जब वे लोग बालपन में मिले थे, तभी उन्हें प्रेम की अनुभूति हो गई थी , और उसके बाद वे दोनों कभी एक दूसरे से मिले ही नहीं, इसी स्मृति को जीवन भर उन्होंने अपने साथ रखा। कहा जाता है कि कृष्ण जी के वृंदावन से जाने के बाद वे कभी वापस लौटे ही नहीं, और न ही राधा जी के कभी द्वारका जाने का जिक्र कहीं पर मिलता है।
राधा और कृष्ण का प्रेम आध्यात्मिक था। ऐसा कहा जाता है कि एक बार जब राधा ने कृष्ण जी से विवाह करने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि कोई अपनी आत्मा से विवाह कैसे कर सकता है, इस तरह से राधा और कृष्ण का प्रेम भौतिक नहीं आत्मीय था। उन दोनों का एक ही असतित्व था। इस संबंध में एक और कथा मिलती है,