करवा चौथ के नियम
- फोटो : सोशल मीडिया
करवा चौथ व्रत नियम
यह व्रत सूर्योदय होने से पहले शुरू और चांद निकलने तक रखा जाता है। चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत को खोलने का नियम है। शाम के समय चंद्रोदय से लगभग एक घंटा पहले सम्पूर्ण शिव-परिवार (शिव जी, पार्वती जी, नंदी जी, गणेश जी और कार्तिकेय जी) की पूजा की जाती है। पूजन के समय व्रती को पूर्व की ओर मुख करके बैठना चाहिए। इस दिन सुहागिन महिलाओं के द्वारा निर्जला व्रत किया जाता है और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति को छलनी में दीपक रख कर देखा जाता है। इसके बाद पति जल पिलाकर पत्नी के व्रत को तोड़ता है।