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Karwa Chauth 2020: करवा चौथ पर बन रहा है शुभ संयोग, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद

Tue, 03 Nov 2020 10:33 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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करवा चौथ - फोटो : self
Karva Chauth 2020: करवा चौथ का पावन व्रत 4 नवंबर को है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार करवा चौथ का पावन व्रत हर साल कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस साल करवा चौथ पर ग्रह-नक्षत्र की चाल के कारण शुभ संयोग बन रहा है। आइए जानते हैं करवा चौथ पर शुभ मुहूर्त और शुभ संयोग।

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करवा चौथ का शुभ मुहूर्त - फोटो : सोशल मीडिया
करवा चौथ का शुभ मुहूर्त
चतुर्थी तिथि प्रारंभ - सुबह 4 बजकर 24 मिनट पर (4 नवंबर 2020)
चतुर्थी तिथि समाप्त - सुबह 6 बजकर 14 मिनट पर  (5 नवंबर 2020) 
चंद्रोदय का समय - रात 8 बजकर 16 मिनट पर
करवा चौथ पूजा मुहूर्त - शाम 5 बजकर 29 मिनट से शाम 6 बजकर 48 मिनट तक
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सौरमंडल के ग्रह - फोटो : Pixabay
इस बार बन रहा है ये शुभ संयोग
करवा चौथ पर बुध के साथ सूर्य ग्रह भी विद्यमान होंगे, दोनों की युति बुधादित्य योग बनाएगी। इसके अलावा इस दिन शिवयोग के साथ ही सर्वार्थ सिद्धि, सप्त कीर्ति, महादीर्घायु और सौख्य योग बन रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि में चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो रही है, जबकि इस तिथि का अंत मृगशिरा नक्षत्र में होगा। 

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सौरमंडल के ग्रह - फोटो : Pixabay
बन रहा है रोहिणी नक्षत्र मंगल ग्रह का योग
वहीं ज्योतिषीय गणना के मुताबिक इस दिन रोहिणी नक्षत्र और मंगल का योग एक साथ बन रहा है। करवाचौथ पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग होना अपने आप में एक अद्भुत है। यह योग करवा चौथ को और अधिक मंगलकारी बना रहा है। इससे करवा चौथ व्रत करने वाली महिलाओं को पूजन का फल हजारों गुना अधिक मिलेगा।
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शिव परिवार - फोटो : Social media
करवा चौथ का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, करवा चौथ के दिन इस दिन मां पार्वती, भगवान शिव कार्तिकेय और गणेश जी का पूजन किया जाता है। इस व्रत में मां पार्वती से सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। इस दिन करवे में जल भरकर कथा सुनने का विधान है। महिलाएं सुबह सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं।
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