करें श्री सत्यनारायण व्रत कथा का पाठ
- फोटो : adobe stock
करें श्री सत्यनारायण व्रत कथा का पाठ
कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद भगवान श्री सत्यनारायण के व्रत की कथा अवश्य ही सुननी चाहिए। कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान श्री हरि की गंध, अक्षत, पीले लाल पुष्प, नारियल, पान, सुपारी, कलावा, तुलसी, आंवला, दूर्वा, शमी पत्र, पीपल के पत्तों एवं गंगाजल से पूजन करने से व्यक्ति को जीवन में किसी भी वस्तु का अभाव नहीं रहता है। वह इस लोक में समस्त सांसारिक सुखों को भोगते हुए अंत में स्वर्ग को प्राप्त होता है। इस दिन सायंकाल घरों, मंदिरों, पीपल के वृक्षों तथा तुलसी के पौधों के पास दीपक जलाए जाते हैं और गंगाजी/नदियों को भी दीपदान किया जाता है।