kalash
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घटस्थापना में सर्वप्रथम खेत की मिट्टी लाकर उसमें पांच प्रकार के धान बोएं जाते है। पांच प्रकार के धानों में गेहूं, जौ, चना, तिल, मूंग आदि होते हैं। जल, चंदन, पुष्प, दूर्वा, अक्षत, सुपारी तथा सिक्के मिट्टी अथवा तांबे के कलश में रखें जाते है। यदि घटस्थापना के मंत्र मालूम न हों, तो सभी वस्तुओं के नाम लेते हुए 'समर्पयामि' का उच्चारण करें। शास्त्रीय विधि से कलश में डाले जाने वाले सभी पदार्थ न मिलने पर चंदन, रोली, हल्दी की गांठ, सुपारी, एक रुपए का सिक्का, गंगाजल व दूर्वादल भी कलश में डाल सकते हैं।