पूजा पूरी होने के बाद इसे बच्चों को प्रसाद के रूप में दिया जा सकता है।
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ठेकुआ या चने का प्रसाद
जितिया व्रत से जुड़े प्रसाद में ठेकुआ और चने का भी महत्व माना जाता है। पूजा पूरी होने के बाद इसे बच्चों को प्रसाद के रूप में दिया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रसाद ग्रहण करना शुभ माना जाता है और इसे भगवान के प्रति श्रद्धा का प्रतीक समझा जाता है। माता बच्चे को प्रसाद देते समय उसके अच्छे स्वास्थ्य, ऊर्जा और सुखी जीवन के लिए प्रार्थना कर सकती हैं।
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