जीवित्पुत्रिका व्रत को मातृशक्ति की अटूट आस्था, त्याग और प्रेम का पर्व माना जाता है। इस खास अवसर पर अपने प्रियजनों को आप यहां दिए गए खास शुभकामना संदेश भेज सकते हैं।
Jivitputrika Vrat 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जीवित्पुत्रिका का व्रत रखा जाता है, जिसे जितिया व्रत के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य, खुशहाल जीवन और तरक्की की कामना करते हुए निर्जला उपवास रखती हैं। यह उपवास सबसे कठिन व्रतों में गिना जाता है, क्योंकि इसमें नहाय-खाय, निर्जला उपवास और पारण तक कई परंपराएं निभाई जाती हैं। इस पर्व में माताएं अपने बच्चों की दीर्घायु के लिए कठोर नियमों का पालन भी करती हैं। जीवित्पुत्रिका व्रत को मातृशक्ति की अटूट आस्था, त्याग और प्रेम का पर्व माना जाता है। इस खास अवसर पर अपने प्रियजनों को आप यहां दिए गए खास शुभकामना संदेश भेज सकते हैं।