Pooja Thali
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जितिया व्रत पूजा विधि
प्रदोष काल में गाय के गोबर से पूजा स्थल को लीपें और छोटा सा तालाब बनाएं।
जितिया में शालिवाहन राजा के पुत्र धर्मात्मा जीमूतवाहन की पूजा-अर्चना करें।
जीमूतवाहन की कुश निर्मित मूर्ति को जल या मिट्टी के पात्र में स्थापित करें और पीले-लाल रुई से सजाएं।
इसके बाद धूप, दीप, अक्षत, फूल, माला से उनका पूजन करें।
महिलाएं इस दिन संतान की दीर्घायु और उनकी प्रगति के लिए पूजा करें।
जीवित्पुत्रिका की व्रत कथा जरूर सुनें।
और सूर्यदेव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।