radha krishna
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श्रीकृष्ण गोपियों को वस्त्र चुराकर यहीं समझाने का प्रयास करते हैं कि बिना वस्त्र के स्नान नहीं करना चाहिए। इस बात का उल्लेख गरुण पुराण में भी मिलता है कि स्नान के समय हमारे पूर्वज आसपास ही होते हैं। स्नान के दौरान गिरने वाले जल को पूर्वज ग्रहण करते हैं और तृप्त होते हैं। अगर बिना वस्त्र के कोई मनुष्य स्नान करता है तो पूर्वज अतृप्त रह जाते हैं। ऐसे में व्यक्ति के पूर्वज उनसे रुष्ट हो जाते हैं और व्यक्ति का धन, ऐश्वर्य, बल, तेज, सुख सब चला जाता है। इसलिए कभी भी निर्वस्त्र होकर स्नान नहीं करना चाहिए।