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Janmashtami 2022: राधा कृष्ण के प्रेम की पहचान है वृंदावन का प्रेम मंदिर, जानें कब और किसने बनवाया

Fri, 12 Aug 2022 07:41 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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वृंदावन का प्रेम मंदिर - फोटो : अमर उजाला
Prem Mandir Interesting Facts: मथुरा के वृंदावन में स्थित प्रेम मंदिर का नाम सभी ने सुना होगा। जिस तरह आगरा का ताजमहल प्रेम के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। वैसे ही वृंदावन का प्रेम मंदिर भी राधा-कृष्ण के प्रेम की कहानी कहता है। इस मंदिर की खूबसूरती इतनी मंत्र मुग्ध करने वाली है कि वहां दर्शन करने वाले भक घंटों के लिए उसकी भव्यता में  खो जाते हैं। जब भी राधा और कृष्ण की बात होती है तो इस बात का जिक्र अवश्य होता है कि संसार में आध्यात्मिक प्रेम से राधा-कान्हा के प्रेम ने ही कराया है। कृष्ण का प्रेम सिखाता है कि प्रेम केवल प्रेमी-प्रेमिका के बीच ही नहीं बल्कि सखी -साथियों, माता-पिता, भाई बहनों, पशु-पक्षी सभी से हो सकता है। वैसे कृष्ण की नगरी में प्रेम ही प्रेम भरा हुआ है। इसके साथ ही  मथुरा के वृंदावन में एक ऐसा मंदिर है जो पूरी तरह प्रेम को समर्पित है। इस मंदिर को प्रेम मंदिर के नाम से लोग पहचानते हैं। आइए जानते हैं वृंदावन में प्रेम मंदिर की स्थापना कब हुई और इसे किसने बनवाया। 
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राधा कृष्ण के प्रेम की पहचान है वृंदावन का प्रेम मंदिर - फोटो : अमर उजाला
किसने बनवाया प्रेम मंदिर
मथुरा  के वृंदावन में निर्मित प्रेम मंदिर पांचवें  जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा बनवाया गया था। जगद्गुरु कृपालु महाराज श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे और इसी कारण उन्होंने  श्रीकृष्ण के प्रेम के प्रतीक कहे जाने वाले प्रेम मंदिर का निर्माण कराया था। प्रेम मंदिर सिर्फ कान्हा और राधा के प्रेम का प्रतीक ही नहीं बल्कि भगवान राम और माता सीता के प्रेम का प्रतीक भी इसी मंदिर को माना जाता है।  हर दिन यहां काफी तादाद में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। 
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राधा कृष्ण के प्रेम की पहचान है वृंदावन का प्रेम मंदिर - फोटो : अमर उजाला
कब हुआ प्रेम मंदिर का निर्माण 
वृंदावन स्थित प्रेम मंदिर की भव्यता देखते ही बनती है। इस खूबसूरत मंदिर का निर्माण कार्य जनवरी 2001 में शुरू हुआ था। मंदिर का इस भव्य औऱ खूबसूरत मंदिर का निर्माण 14 जनवरी 2001 में शुरू किया गया था। इस मंदिर के निर्माण में पूरा 11 वर्ष का समय लगा था। 17 फरवरी 2012 से इसे सार्वजनिक रूप से भक्तों के लिए खोल दिया गया था। 

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राधा कृष्ण के प्रेम की पहचान है वृंदावन का प्रेम मंदिर - फोटो : अमर उजाला
मंदिर की बनावट 
प्रेम मंदिर मंदिर की ऊंचाई 125 फीट और लंबाई 122 फीट है। मंदिर की चौड़ाई की बात करें तो इसकी चौड़ाई लगभग 115 फीट है। प्रेम मंदिर के मुख्य द्वार पर मयूर आकृति के 8 नक्काशी वाले तोरण लगाए गए है। मंदिर के भीतर की दीवारों पर कृपालु महाराज की झांकियां भी बनाई गई है। इसके अतिरिक्त  मंदिर में 94 स्तंभों का भी निर्माण किया गया है। मंदिर का इटली से मंगवाए गए संगमरमर के पत्थरों से निर्मित हुआ है। 
 
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राधा कृष्ण के प्रेम की पहचान है वृंदावन का प्रेम मंदिर - फोटो : अमर उजाला
मंदिर में रहता है कृष्णमई वातावरण 
राधा-कान्हा के प्रेम का प्रतीक प्रेम मंदिर में राधा-कृष्ण के प्रेम की अनगिनत प्रसंगों के चित्र उकेरे गए हैं। मंदिर में स्थापित राधा कृष्ण की मूर्ति के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं को सुकून मिलता है। प्रेम मंदिर जहां दिन में सफेद संगमरमर कि चमक दिखाता नजर आता है वहीं शाम होते ही खास लाइटिंग के कारण वह हर 30 सेकंड में अलग-अलग रंग में सराबोर दिखता है। मंदिर के अंदर बैठकर श्रद्धालु कृष्णमय हो जाते हैं और इन सुखद क्षणों का आनंद लेते हैं। 
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