देश के विभिन्न प्रांतों में रंगोली को अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है। जैसे कर्नाटक में रंगोली, तमिलनाडु में कोलम, पश्चिम बंगाल में अल्पना, राजस्थान में मांडना, उत्तरप्रदेश में चौक-पूजन, छत्तीसगढ़ में चौक पूरना, महाराष्ट्र में रंगोली तथा संस्कार भारती और गुजरात में साथिया के नाम से इसे जाना जाता है। रंगोली बनाने के लिए रंगीन चौक पाउडर, रेत, चावल की रंग-बिरंगी चूरी या पाउडर, आटा, चावल के दाने, चूना, प्राकृतिक रंग, फूल और फूलों की पंखुडियां, हल्दी, रोली, अक्षत इत्यादि का प्रयोग किया जाता है। वर्तमान समय में मोती, सितारे, कुंदन, कांच के विभन्न शेप वाले टुकड़े तथा अन्य कलात्मक वस्तुएं रंगोली सजाने के काम में लाई जाती हैं। अब तो रंगोली के कुछ जानकार मार्डन तकनीक से बड़ी-बड़ी रंगोली बहुत कम समय में बनाने में पारंगत हो गए हैं।