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Holi 2021: कई वर्षो बाद होली पर ऐसा शुभ संयोग, जानिए तिथि, महत्व और होलिका दहन शुभ मुहूर्त

Sat, 20 Mar 2021 07:28 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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होली 2021: पंचांग गणना के आधार पर इस बार होली पर ग्रहों का विशेष संयोग बन रहा है। - फोटो : अमर उजाला
होली का त्योहार इस वर्ष 29 मार्च को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को रंगों का त्योहार पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है। होली खेलने से पहले एक दिन होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस बार की होली कुछ कारणों से विशेष रहने वाली है।  पंचांग गणना के आधार पर इस बार होली पर ग्रहों का विशेष संयोग बन रहा है। आइए जानते हैं होली 2021 ( Holi 2021) के बारे में...
 
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होली हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है। इस साल होली पर विशेष योग का निर्माण हो रहा है, जिससे होली का महत्व बढ़ रहा है। इस साल होली के दिन ध्रुव योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन चंद्रमा कन्या राशि में गोचर कर रहा होगा। जबकि मकर राशि में शनि और गुरु विराजमान होंगे। 499 साल के बाद होली पर ऐसा संयोग फिर से बना है।
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होली - फोटो : amar ujala
इसके अलावा होली के दिन शुक्र और सूर्य मीन राशि में रहेंगे। मंगल और राहु वृषभ राशि, बुध कुंभ राशि और मोक्ष के कारण केतु वृश्चिक राशि में विराजमान होंगे। वहीं अगर होली के दिन बन रहे शुभ योगों की बात करें तो इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जिसे मुहूर्त शास्त्र में बहुत ही शुभ माना जाता है।
 

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होली शुभ मुहूर्त 2021
फाल्गुन पूर्णिमा 2021

पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – मार्च 28, 2021 को 03:27 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त – मार्च 29, 2021 को 00:17 बजे

होलिका दहन 2021
होलिका दहन मुहूर्त – 18:37 से 20:56
अवधि – 02 घंटे 20 मिनट
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होलाष्टक 2021 - फोटो : अमर उजाला
होली से पहले होलाष्टक 
होली से आठ दिन पहले सभी तरह के शुभ कार्यों में रोक लग जाती है। इस 8 दिन को ही होलाष्टक कहा जाता है। ज्योतिष नजरिए से  अष्टमी को चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल, तथा पूर्णिमा को राहु उग्र स्वभाव के हो जाते हैं। होलाष्टक की अवधि तक गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार, विवाह संबंधी वार्तालाप, सगाई,  विवाह , किसी नए कार्य, नींव आदि रखने , नया व्यवसाय आरंभ या किसी भी मांगलिक कार्य आदि का आरंभ शुभ नहीं माना जाता। 
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