रंग और मस्ती का त्योहार होली मनाने में अब कुछ ही दिन शेष है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होली का पर्व मनाया जाता है। उसके पहले होलिका दहन किया जाता है। शास्त्रों में भद्रा के समय होलिका दहन को शुभ नहीं माना जाता है इसलिए भद्राकाल के समाप्त होने के पश्चात ही होलिका दहन करना चाहिए। इस बार पूर्णिमा तिथि 1 मार्च को सुबह 8 बजे शुरू हो जाएगी, जो 2 मार्च की सुबह 6 बजकर 18 मिनट तक रहेगी।