महामृत्युंजय मंत्र का करें जाप
मान्यता के अनुसार, होलाष्टक में महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। यह उपाय करने से जातकों को असाध्य रोग से मुक्ति मिलती है। होलाष्टक की अवधि में जातकों को अधिक से अधिक ईश्वर का ध्यान, भजन, जप-तप, स्वाध्याय व वैदिक अनुष्ठान करना चाहिए। ताकि समस्त कष्ट, विघ्न व संतापों का क्षय हो सके।
श्रीसूक्त का करें पाठ
आर्थिक जीवन में यदि कठिनाई का सामना कर रहे हैं तो होलाष्टक के दौरान श्रीसूक्त व मंगल ऋण मोचन स्त्रोत का पाठ करवाएं। मान्यता है कि यह उपाय करने से आपके ऊपर से कर्ज का बोझ उतर सकता है। साथ ही आपका आर्थिक जीवन मजबूत होगा।
गणपति महाराज की करें आराधना
अगर किसी छात्र का पढाई में मन नहीं लग रहा है तो उसे होलाष्टक के दौरान गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना चाहिए। साथ ही भगवान गणेश जी को मोदक व दूर्वा चढ़ाना चाहिए। यह उपाय छात्रों के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।
लड्डू गोपाल की करें पूजा
मान्यता है कि निःसंतान दंपतियों के लिए होलाष्टक में लड्डु गोपाल की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान उन्हें गाय के शुद्ध घी और मिश्री का भोग लगाना चाहिए। यह उपाय करने से उन्हें संतान प्राप्ति होगी।
हनुमान चालीसा का करें पाठ
मान्यता के अनुसार, होलाष्टक में हनुमान चालीसा और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यह उपाय करने से आपके जीवन में खुशियां आती हैं। जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।