सुहागिन और अविवाहित महिलाओं के लिए क्यों खास है यह व्रत?
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सुहागिन और अविवाहित महिलाओं के लिए क्यों खास है यह व्रत?
सुहागिन महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से करती हैं। वहीं अविवाहित युवतियां माता पार्वती की तरह अपने मनपसंद और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की कामना करती हैं। इस तरह यह पर्व प्रेम, विश्वास, धैर्य और वैवाहिक सुख से जुड़ी भावनाओं को मजबूत करने वाला माना जाता है। हरतालिका तीज की सबसे बड़ी सीख यही मानी जाती है कि दृढ़ संकल्प, सच्ची श्रद्धा और धैर्य से कठिन परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है। बालू या मिट्टी से बनाई गई शिव-पार्वती की प्रतिमा इसी भक्ति और समर्पण की याद दिलाती है।
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