Sharadiya Navratri 2025 Day 5 Maa Skandamata Puja: शारदीय नवरात्रि का पांचवां दिन देवी दुर्गा के पांचवें स्वरूप, मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है। मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं, इसलिए उन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। इनका का स्वरूप अत्यंत दिव्य और अद्भुत है। वे सिंह पर विराजमान रहती हैं और उनकी चार भुजाएं हैं। उनकी ऊपरी दाहिनी भुजा में बाल स्वरूप कार्तिकेय विराजमान हैं, जबकि निचली दाहिनी भुजा में वे कमल का पुष्प रहता है। ऊपरी बाईं भुजा से वे भक्तों को वरदान देती हैं और निचली बाईं भुजा में भी कमल का फूल सुशोभित रहता है। उनके इस स्वरूप के दर्शन मात्र से ही मन को शांति और आनंद की अनुभूति होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता की आराधना करने से संतान संबंधी कष्ट दूर होते हैं। साथ ही उनकी कृपा से ज्ञान, विवेक और बुद्धि की प्राप्ति होती है। इस पावन अवसर पर आप अपने परिवार और मित्रों को शुभकामनाएं देकर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।