माता: जीवन की पहली गुरु
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माता: जीवन की पहली गुरु
हर व्यक्ति के जीवन में मां का स्थान सबसे पहले गुरु के रूप में होता है। वही बच्चे को बोलना, चलना, सही और गलत का अंतर समझना और अच्छे संस्कार सिखाती है। गुरु पूर्णिमा के दिन मां के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। उन्हें उनकी पसंद की कोई वस्तु या वस्त्र भेंट करना भी शुभ माना जाता है। मां का आशीर्वाद जीवन में सुख, सुरक्षा और मानसिक शांति प्रदान करता है।