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गुरु प्रदोष व्रत 2026: 23 या 24 सितंबर कब है भाद्रपद का आखिरी प्रदोष व्रत? जानें पूजा मुहूर्त और शुभ योग

Tue, 22 Sep 2026 03:10 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव की श्रद्धापूर्वक पूजा और व्रत करने से भक्तों को मनचाहे फल मिलने की मान्यता है। आइए जानते हैं सितंबर में पड़ने वाले आखिरी प्रदोष व्रत की सही तारीख, पूजा का समय और इस दिन बनने वाले शुभ योगों के बारे में।
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प्रदोष व्रत 2026 सितंबर - फोटो : AI
हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव की श्रद्धापूर्वक पूजा और व्रत करने से भक्तों को मनचाहे फल मिलने की मान्यता है। सप्ताह के जिस वार को प्रदोष व्रत पड़ता है, उसी के आधार पर उसका नाम रखा जाता है। इस बार भाद्रपद माह का अंतिम प्रदोष व्रत गुरुवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे गुरु प्रदोष कहा जाएगा। इस दिन भगवान शिव के साथ भगवान विष्णु की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं गुरु प्रदोष व्रत की सही तारीख, पूजा का समय और इस दिन बनने वाले शुभ योगों के बारे में।
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गुरु प्रदोष व्रत 2026 कब है? - फोटो : adobe stock
गुरु प्रदोष व्रत 2026 कब है?
पंचांग के मुताबिक भाद्रपद शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 23 सितंबर 2026 को रात 10 बजकर 50 मिनट से शुरू होगी और 24 सितंबर को रात 11 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर गुरु प्रदोष व्रत 24 सितंबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।
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गुरु प्रदोष पूजा का शुभ समय - फोटो : adobe stock
गुरु प्रदोष पूजा का शुभ समय
प्रदोष काल को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। 24 सितंबर को गुरु प्रदोष के दिन शिव पूजा के लिए प्रदोष काल शाम 6:33 बजे से रात 8:56 बजे तक रहेगा।

इसके अलावा इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:52 बजे से 5:40 बजे तक रहेगा। वहीं अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से 12:55 बजे तक रहेगा।

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गुरु प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व - फोटो : adobe stock
गुरु प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व
गुरुवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को गुरु प्रदोष या बृहस्पति प्रदोष के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इसे आध्यात्मिक विकास और ज्ञान की प्राप्ति से जोड़कर देखा जाता है। भगवान शिव की आराधना के साथ बृहस्पति देव का संबंध होने के कारण इस दिन व्रत और पूजा करने से ज्ञान, शिक्षा, धर्म, धन तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होने की मान्यता है। कहा जाता है कि गुरु प्रदोष का व्रत जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उन्नति के लिए भी शुभ माना जाता है।
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गुरु प्रदोष पर बनेंगे ये शुभ योग - फोटो : freepik
गुरु प्रदोष पर बनेंगे ये शुभ योग
24 सितंबर को गुरु प्रदोष के दिन कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है। इस दिन रवि योग सुबह 10 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 25 सितंबर की सुबह 6 बजकर 11 मिनट तक रहेगा।

इसके अलावा इस दिन धृति योग का भी निर्माण होगा। धृति योग सुबह से लेकर दोपहर 3 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। धार्मिक दृष्टि से इन शुभ योगों में पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य करना विशेष फलदायी माना जाता है।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

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