Gupt Navratri Dos and Donts: हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व वर्ष में चार बार मनाया जाता है। इनमें से दो नवरात्रि को प्रकट नवरात्रि कहा जाता है, जिन्हें चैत्र और शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। वहीं शेष दो नवरात्रि गुप्त नवरात्रि होती हैं, जिनका धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना गया है। गुप्त नवरात्रि साल में दो बार आती हैं, एक माघ माह में और दूसरी आषाढ़ महीने में मनाई जाती हैं।
Basant Panchami 2026: वसंत पंचमी पर करें ये खास उपाय, मिलेगी बुद्धि और मां सरस्वती का आशीर्वाद
इस वर्ष माघ गुप्त नवरात्रि का आरंभ 19 जनवरी से हो चुका है और इसका समापन 27 जनवरी को होगा। गुप्त नवरात्रि को तंत्र-साधना, मंत्र जाप और आत्मिक जागरण से जुड़ा पर्व माना जाता है। हालांकि इसका महत्व केवल साधकों और तांत्रिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम भक्तों के लिए भी यह समय अत्यंत फलदायी माना गया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि माघ गुप्त नवरात्रि के दौरान क्या करना शुभ होता है और किन बातों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।