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Gudi Padwa 2026: गुड़ी पड़वा कल, जानें शुभ मुहूर्त , पूजा विधि और महत्व

Wed, 18 Mar 2026 05:07 PM IST
Shweta Singh धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Gudi Padwa:  गुड़ी पड़वा हिंदू नववर्ष और विक्रम संवत कलैंडर की शुरुआत का प्रतीक है। 19 मार्च को गुड़ी पड़वा मनाया जाएगा। चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला यह त्योहार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत का भी प्रतीक है।
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गुड़ी पड़वा 2026 - फोटो : amar ujala
Gudi Padwa 2026 Shubh Muhurat: गुड़ी पड़वा चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। इसी शुभ दिन से हिंदू नव वर्ष और विक्रम संवत कैलेंडर की शुरुआत होती है। चैत्र नवरात्रि भी इसी दिन से शुरू होती है। यह त्योहार, विशेष रूप से महाराष्ट्र, गोवा और दक्षिण भारत के विभिन्न क्षेत्रों में, बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि 2026 में गुड़ी पड़वा कब मनाया जाएगा। इसके अलावा, हम गुड़ी पड़वा 2026 पूजा से जुड़े शुभ मुहूर्त और रीति-रिवाजों के बारे में भी जानेंगे।
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गुड़ी पड़वा 2026 - फोटो : amar ujala
गुड़ी पड़वा 2026 तिथि
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ: 19 मार्च,  प्रातः 6:52 बजे से 
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि समाप्त: 20 मार्च, प्रातः 4:52 बजे तक 
गुड़ी पड़वा का त्योहार गुरुवार, 19 मार्च को मनाया जाएगा। 
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गुड़ी पड़वा 2026 - फोटो : amar ujala
गुड़ी पड़वा 2026 शुभ मुहूर्त
  • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 4:51 से 5:39 बजे तक
  • विजय मुहूर्त - दोपहर 2:30 से 3:18 बजे तक
  • गोधुली मुहूर्त - शाम 6:29 से 6:53 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त - सुबह 12:05 से 12:52 बजे तक

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गुड़ी पड़वा 2026 - फोटो : amar ujala
गुड़ी पड़वा पूजा विधि 
  • गुड़ी पड़वा की सुबह लोग स्नान करते हैं और नए कपड़े पहनते हैं।
  • घर के मुख्य द्वार पर एक 'गुड़ी' स्थापित की जाती है। 
  • गुड़ी बांस की एक छड़ी होती है जिसे रेशमी कपड़े में लपेटा जाता है और नीम की पत्तियों, आम की पत्तियों, एक माला और एक उल्टे तांबे के कलश से सजाया जाता है।
  • घर के आंगन और मुख्य द्वार पर सुंदर रंगोली बनाई जाती हैं।
  • महाराष्ट्र में पूरन पोली, साबूदाना खीर, श्रीखंड और पूरी-चना को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है।
  • नए साल की शुभ शुरुआत सुनिश्चित करने के लिए इस दिन दान-पुण्य भी किए जाते हैं।
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गुड़ी पड़वा 2026 - फोटो : adobe stock
गुड़ी पड़वा का महत्व
गुड़ी पड़वा मराठी नववर्ष का प्रतीक है। इस पर्व का आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। यह त्योहार न केवल एक नए वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि जीवन में एक नई शुरुआत का भी प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि ब्रह्माजी ने चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर सृष्टि की रचना का कार्य आरंभ किया था। इस दिन घरों के बाहर फहराए जाने वाले गुड़ी ध्वज को सकारात्मकता और समृद्धि के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसकी पूजा करने से भक्त को आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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