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25 सितंबर को गणपति विसर्जन का शुभ समय क्या है? जानें सुबह से रात तक के मुहूर्त

Mon, 21 Sep 2026 11:07 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

25 सितंबर को गणपति विसर्जन किया जाएगा। अगर आप भी बप्पा को विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं, तो जानिए विसर्जन के लिए सुबह से रात तक के शुभ मुहूर्त और धार्मिक मान्यताएं।
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Ganpati Visarjan Vidhi - फोटो : अमर उजाला

Ganesh Visarjan 2026: गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो भगवान गणेश को समर्पित है। उन्हें विघ्नहर्ता के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणपति की पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।  इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर 2026 से शुरू हुआ था। गणेश उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। इस बार अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को पड़ रही है। इसी दिन गणपति बप्पा की प्रतिमा का मुख्य विसर्जन किया जाएगा। वैसे तो अनंत चतुर्दशी का पूरा दिन गणपति विसर्जन के लिए शुभ माना जाता है। हालांकि, चौघड़िया के अनुसार विसर्जन के लिए दिनभर में कई शुभ समय उपलब्ध रहेंगे।

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गणपति विसर्जन - फोटो : Adobe

गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, 25 सितंबर को सुबह 6:11 बजे से 10:42 बजे तक गणपति विसर्जन के लिए शुभ समय रहेगा। इस अवधि में चर, लाभ और अमृत चौघड़िया का संयोग बन रहा है। भक्त इस दौरान पूजा-अर्चना करने के बाद बप्पा को विदाई दे सकते हैं।

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गणपति विसर्जन - फोटो : Adobe

दोपहर में विसर्जन का शुभ समय
'सुबह के समय विसर्जन करना संभव न हो तो दोपहर में भी गणपति बप्पा को विदाई दी जा सकती है। दोपहर 12:13 बजे से 1:43 बजे तक शुभ चौघड़िया रहेगा। विसर्जन से पहले भगवान गणेश की पूजा, आरती और भोग लगाने की परंपरा है।

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गणपति विसर्जन - फोटो : Adobe

शाम को करें गणपति विसर्जन
शाम के समय विसर्जन करने वाले भक्तों के लिए भी शुभ मुहूर्त रहेगा। शाम 4:44 बजे से 6:14 बजे तक चर चौघड़िया रहेगा। इस अवधि में विधि-विधान से पूजा करने के बाद गणपति विसर्जन किया जा सकता है।

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Ganpati Visarjan - फोटो : Adobe stock

रात में भी है शुभ मुहूर्त
अगर किसी कारण से दिन में विसर्जन संभव नहीं है, तो रात में भी शुभ समय उपलब्ध है। रात 9:14 बजे से 10:43 बजे तक लाभ चौघड़िया रहेगा। इस दौरान भी भक्त श्रद्धापूर्वक गणपति बप्पा को विदाई दे सकते हैं।

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गणपति विसर्जन - फोटो : Adobe

गणपति विसर्जन के लिए कौन सा समय चुनें?
25 सितंबर को सुबह से रात तक गणपति विसर्जन के लिए कई शुभ चौघड़िया मिल रहे हैं। ऐसे में भक्त अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से किसी एक समय का चयन कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विसर्जन से पहले भगवान गणेश की अंतिम पूजा और आरती करना शुभ माना जाता है। इसके बाद उन्हें श्रद्धा के साथ विदाई दी जाती है।

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गणपति विसर्जन - फोटो : AI

गणेश विसर्जन की सही विधि 

  • बप्पा को स्नान कराएं और नए वस्त्र पहनाएं। इसके बाद चंदन, रोली, अक्षत और दूर्वा अर्पित करें।
  • गणेश जी को मोदक, लड्डू और फल का भोग लगाएं। फिर परिवार के साथ दीपक या कपूर से आरती करें।
  • पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए भगवान गणेश से क्षमा मांगें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।
  • विदाई से पहले गणेश जी की हथेली पर दही और चावल रखने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे बप्पा अगले वर्ष जल्दी लौटते हैं।
  • गणेश प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक साफ जल में विसर्जित करें और “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” का जयकारा लगाएं।
 
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गणपति विसर्जन - फोटो : अमर उजाला
विसर्जन से पहले जरूर करें ये काम
  • गणपति विसर्जन से पहले भगवान गणेश की विधिवत पूजा करें।
  • उन्हें फूल, दूर्वा और भोग अर्पित करें और इसके बाद आरती करें।
  • इस दौरान अपनी मनोकामना बप्पा के सामने रख सकते हैं।
  • विसर्जन के समय परिवार के सभी सदस्य मिलकर 'गणपति बप्पा मोरया' का जयकारा लगाएं। 
  • श्रद्धा एवं सम्मान के साथ गणेश प्रतिमा का विधि-विधान से विसर्जन करें।
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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