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Ganesh Chaturthi Murti Sthapana 2022: गणेश चतुर्थी पर भगवान गणपति की कैसी मूर्ति की करें स्थापना?

Wed, 31 Aug 2022 06:13 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गणेश चतुर्थी 2022 की शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala
Ganesh Chaturthi Murti Sthapana Vidhi : प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेशजी का श्री सिद्धिविनायक नामधारी जन्मदिन भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। गणेश ज्ञान और बुद्धि के ऐसे देवता हैं,जिनकी उपासना से जीवन में सुख-समृद्धि,सफलता,मान-सम्मान और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। वे विघ्नविनाशक हैं,उनके स्मरण मात्र से भक्तों के कार्यों में आ रही विघ्न-बाधाएं सहजता से दूर हो जाती हैं। इस दिन पूजन के लिए घर या दुकान में गणेश की प्रतिमा लाने से पूर्व मन में यह बात आती है कि गणेशजी की सूंड किस तरफ होनी चाहिए ? गणेशजी की तस्वीरों और मूर्तियों में उनकी सूंड दाई या कुछ में बाई ओर होती है। सीधी सूंड वाले भगवान गणेश दुर्लभ हैं। इनकी एक तरफ मुड़ी हुई सूंड के कारण ही गणेश जी को वक्रतुण्ड कहा जाता है। गणपति जी की बांयी सूंड में चंद्रमा का और दांयी में सूर्य का प्रभाव माना गया है। गणेश जी की सीधी सूंड तीनों तरफ से दिखती है।
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Ganesh Chaturthi 2022 - फोटो : अमर उजाला
ऐसे गणेशजी यहां लगाएं
दांयी ओर घूमी हुई सूंड वाले गणेशजी हठी होते हैं आमतौर पर ेसी प्रतिमा घर और ऑफिस में नहीं रखी जाती। इनको स्थापित करने पर कई धार्मिक रीतियों का पालन करना ज़रूरी होता है। ऐसी प्रतिमा को देवालयों में स्थापित करके वहीं उनकी पूजा की जाती है । ऐसे गणेशजी का पूजन विघ्न-विनाश, शत्रु पराजय, विजय प्राप्ति, उग्र तथा शक्ति प्रदर्शन जैसे कार्यों के लिए फलदायी माना जाता है। दायीं ओर घूमी हुई सूंड वाले गणेशजी सिद्धिविनायक कहलाते हैं। ऐसी मान्यता है कि इनके दर्शन से हर कार्य सिद्ध हो जाता है। किसी भी विशेष कार्य के लिए कहीं जाते समय यदि इनके दर्शन करें तो वह कार्य सफल होता है व शुभ फल प्राप्त होता है।
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lord ganesh, ganesha - फोटो : अमर उजाला
बांयी सूंड वाले गणेशजी
सिंहासन पर बैठे हुए गणेशजी  की प्रतिमा जिनकी सूंड बांयी ओर मुड़ी  होती है, पूजाघर में रखी जानी चाहिए। इनकी पूजा से घर में सुख-शांति व समृद्धि आती है। ऐसी मूर्ति  की पूजा स्थायी कार्यों के लिए की जाती है। जैसे  शिक्षा, धन प्राप्ति, व्यवसाय, उन्नति, संतान सुख, विवाह, सृजन कार्य और पारिवारिक खुशहाली। घर के मुख्य द्वार पर भी गणेशजी की मूर्ति या तस्वीर लगाना शुभ होता है पर यहां भी बायीं ओर घूमी  हुई सूंड वाले गणेशजी की स्थापना करना चाहिए। बायीं ओर घूमी हुई सूंड वाले गणेशजी विघ्नविनाशक कहलाते हैं। इन्हें घर में मुख्य द्वार पर लगाने के पीछे तर्क है कि जब हम कहीं बाहर जाते हैं तो कई प्रकार की बलाएं, विपदाएं या नेगेटिव एनर्जी हमारे साथ आ जाती है। घर में प्रवेश करने से पहले जब हम विघ्नविनाशक गणेशजी के दर्शन करते हैं तो इसके प्रभाव से यह सभी नेगेटिव एनर्जी वहीं रूक जाती है व हमारे साथ घर में प्रवेश नहीं कर पाती है।इससे घर में पॉजीटिव एनर्जी रहती है व वास्तु दोषों का नाश होता है।
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Ganesh Chaturthi 2022 - फोटो : Istock
सीधी सूंड वाले गणेशजी
सीधी सूंड वाली मूर्ति की आराधना रिद्धि-सिद्धि, कुण्डलिनी जागरण, मोक्ष,समाधि आदि के लिए सर्वोत्तम मानी गई है। अक्सर संत समाज ऐसी ही मूर्ति की आराधना करता है।
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