फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dussehra: पूरे साल की तीन सबसे शुभ तिथियों में से एक है यह तिथि, जरूर उठाएं लाभ

Mon, 30 Sep 2019 12:06 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
dussehra
भारतीय संस्कृति में दशहरा का बहुत अधिक महत्व है। नवरात्रि के नौ दिनों के बाद अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन किया जाता हैं। धार्मिक ग्रंथो के अनुसार भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त इसी दिन महिषासुर नामक राक्षस पर विजय प्राप्त की थी।
विज्ञापन

2 of 5
दशहरा पूजा
दशहरा को असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है, इसलिए इस दशमी को विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता के अनुसार दशहरा वर्ष की तीन अत्यन्त शुभ तिथियों में से एक है, अन्य दो हैं चैत्र शुक्ल की एवं कार्तिक शुक्ल की प्रतिपदा।


 
विज्ञापन

3 of 5
ravan
इस दिन शस्त्र-पूजा और नए कार्य प्रारम्भ करने का विधान है। ऐसा विश्वास है कि इस दिन से जो भी कार्य प्रारंभ किए जाते है वो अवश्य ही सफल होते हैं। प्राचीन काल में राजा इसी दिन विजय की प्रार्थना कर रण-यात्रा के लिए प्रस्थान करते थे। इस शुभ दिन देश में जगह-जगह भव्य मेलों का आयोजन किया जाता हैं।

 

4 of 5
onscreen lord ram
दशहरा अथवा विजयदशमी भगवान राम की विजय के रूप में और मां दुर्गा पूजा के रूप में मनाई जाती है। दोनों ही रूपों में यह शक्ति-पूजा का पर्व है, शस्त्र पूजन की तिथि है। भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक है और शौर्य की उपासक हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ravan
व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो इसलिए भी दशहरा का उत्सव मनाया जाता हैं। दशहरा का पर्व दस प्रकार के पापों- काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी के परित्याग की प्रेरणा देता है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें