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Dussehra 2020: बेहद लोकप्रिय है यहां का दशहरा, खास तरीके से मनाए जाने की है परंपरा

Mon, 19 Oct 2020 07:01 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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दशहरा 2020: अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व - फोटो : सोशल मीडिया
Dussehra 2020: दशहरा पर्व 25 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इस दिन रावण के पुतले का दहन किया जाता है। हिन्दू आस्था के अनुसार, दशहरा असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में देश के कई हिस्सो में दशहरा का त्योहार अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। लेकिन कुछ जगहों का दशहरा पर्व काफी लोकप्रिय माना जाता है। यहां का दशहरा देखने के लिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से दर्शनार्थी आते हैं। आइए जानते हैं इन जगहों पर कैसे मनाया जाता है दशहरे का पर्व।
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कुल्लू का दशहरा विश्वप्रसिद्ध है - फोटो : self
कुल्लू का दशहरा 
कुल्लू का दशहरा विश्वप्रसिद्ध है यहां मनाए जाने वाला दशहरा का उत्सव शानदार होता है। यहां पर दशहरे की शुरुआत काफी दिनों पहले से होने लगती है। यहां पर अपने कुलदेवता भगवान जगन्नाथ को पालकी में बैठाकर शहर में यात्रा निकाली जाती हैं। यहां के दशहरे की खास बात ये है कि इसमें रावण का पुतला नहीं जलाया जाता है। 
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मैसूर - फोटो : self
मैसूर का दशहरा
मैसूर में दशहरा मनाने की रिवाज करीब 600 सालों से चला आ रहा है इसकी शुरुआत चामुंडेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की जाती है। दशहरे के दिन मैसूर शहर की रौनक देखने लायक होती है पूरा शहर रौशनी से जगमगाया रहता है। इस दिन सजे-धजे हाथियो का भव्य जुलूस निकाला जाता है।

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बस्तर के दशहरे की शुरुआत सावन मास की अमावस्या से हो जाती है। - फोटो : ANI
बस्तर का दशहरा
बस्तर के दशहरे की शुरुआत सावन मास की अमावस्या से हो जाती है। जो पूरे 75 दिन तक चलती है इसमें यहां की कुल देवी दंतेश्वरी की आराधना की जाती है।
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दशहरा का पर्व गुजरात का विशेष त्योहार होता है इसमें नवरात्रि के दिनों में डांडिया नृत्य का आयोजन किया जाता है। - फोटो : अमर उजाला
गुजरात का दशहरा 
दशहरा का पर्व गुजरात का विशेष त्योहार होता है इसमें नवरात्रि के दिनों में डांडिया नृत्य का आयोजन किया जाता है। नृत्य के माध्यम से नवरात्रि के दिनों में देवी की आराधना की जाती है। दशहरे वाले दिन नौ दिन तक उपवास रखने के बाद तोड़ा जाता है।
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