फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Diwali 2025 Lakshmi Ganesh Aarti: दिवाली पर करें मां लक्ष्मी और गणपति की आरती, मिलेगा धन और बुद्धि का आशीर्वाद

Mon, 20 Oct 2025 07:43 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Diwali 2025 Lakshmi Ganesh Aarti: 20 अक्तूबर 2025 को मनाई जाने वाली दिवाली पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर की पूजा का विशेष महत्व है। पूजा के अंत में की जाने वाली आरती से सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।
 
विज्ञापन
1 of 3
माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती - फोटो : amar ujala

Diwali Par Karein Maa Lakshmi aur Ganpati ki Aarti: आज देश भर में धूमधाम से दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है। दीपों की यह पावन रात पूरे भारतवर्ष को रोशनी से सराबोर कर देती है। हिंदू धर्म में दिवाली का विशेष महत्व है, क्योंकि यह दिन मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और धन के देवता कुबेर की आराधना का होता है। मान्यता है कि विधिपूर्वक पूजन करने से जीवन में सुख-समृद्धि, बुद्धि और धन का आगमन होता है। घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और नकारात्मकता दूर होती है।
Diwali 2025: प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन क्यों होता है विशेष फलदायी? जानें पूजा का सही मुहूर्त
दिवाली की पूजा तब तक पूर्ण नहीं मानी जाती जब तक अंत में आरती न की जाए। आरती से न केवल पूजा का समापन होता है, बल्कि यह भक्त और भगवान के बीच एक आत्मिक संबंध भी स्थापित करती है। इस दिन मां लक्ष्मी और श्री गणेश जी की आरती का विशेष महत्व होता है। यहां हम आपके लिए दिवाली पूजन हेतु लक्ष्मी जी की ‘ॐ जय लक्ष्मी माता’ और गणेश जी की ‘जय गणेश, जय गणेश देवा’ जैसी प्रसिद्ध आरतियां प्रस्तुत कर रहे हैं। 
Diwali 2025: दिवाली पर पुराने दीपक दोबारा जलाना शुभ होता है या अशुभ? जानिए क्या कहते हैं शास्त्र

विज्ञापन

2 of 3
दिवाली पर पढ़ें भगवान गणेश की आरती - फोटो : amar ujala

भगवान गणेश की आरती

जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।

माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥

जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

पान चढ़े फल चढ़े,और चढ़े मेवा ।

लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥

जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।

बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ॥

विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
मां लक्ष्मी की आरती  - फोटो : amar ujala
मां लक्ष्मी की आरती 

ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।। 
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। 
मैया तुम ही जग-माता।।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। 
मैया सुख संपत्ति दाता। 
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता। 
मैया तुम ही शुभदाता। 
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता। 
मैया सब सद्गुण आता।
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता। 
मैया वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता। 
मैया क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

महालक्ष्मी जी की आरती,जो कोई नर गाता। 
मैया जो कोई नर गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

ऊं  जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। 
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें