19 अक्टूबर को दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन माता लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है ताकि घर में धन और सुख शान्ति बनी रहे। देवी लक्ष्मी के बारे में ऐसी कई बातें हैं जो कम ही लोगो ही पता है आइये जानते है मां लक्ष्मी के स्वरूप के बारे में 5 बातें।
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देवी लक्ष्मी का एक नाम कमला है क्योंकि यह कमल के आसन पर विराजमान होती हैं। इनके हाथों में कमल का पुष्प भी है। देवी लक्ष्मी के कमल के पुष्प पर विराजमान होने का कारण यह है कि इनका जन्म सागर से हुआ माना जाता है। जल क्षेत्र से उत्पन्न होने के कारण इनका प्रिय फूल भी वही है जो जल से उत्पन्न हुआ है।
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देवी लक्ष्मी की मूर्तियों में हाथियों को भी दिखाया जाता है दरअसल यह गज लक्ष्मी का स्वरूप होता है। देवी लक्ष्मी के साथ हाथी का होना जल और जीवन को दर्शाता है। देवी लक्ष्मी का संबंध जल से है जल ही कृषि और जीवन का आधार है और हाथी वर्षा का प्रतीक। देवी लक्ष्मी पर जल बरसाता हुआ हाथी अन्न धन और समृद्धि को दर्शाता है।
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देवी लक्ष्मी की सवारी हाथी के अलावा उल्लू भी है।लक्ष्मी जी ने उल्लू को अपना वाहन बनाकर धरती की परिक्रमा की और तब से लक्ष्मी जी का वाहन उल्लू हो गया।
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देवी लक्ष्मी की बड़ी बहन अलक्ष्मी हमेशा देवी लक्ष्मी के साथ होती है। इसलिए जहां सिर्फ लक्ष्मी का वास होता है वहां धन तो होता है लेकिन सुख शांति नहीं होती है। इसलिए कहा जाता है कि लक्ष्मी के साथ विष्णु की भी पूजा की जानी चाहिए क्योंकि विष्णु के होने पर अलक्ष्मी दूर रहती है।