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Dhanteras 2025: घर में सुख-समृद्धि के लिए धनतेरस पूजा कैसे करें? जानें विधि और पूजन सामग्री लिस्ट

Fri, 17 Oct 2025 04:48 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Dhanteras Puja Muhurat 2025: धनतेरस दीपावली का शुभ आरंभ है, जो घर में समृद्धि, स्वास्थ्य और सुख-शांति लाने वाला पर्व माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा से सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। सही विधि और मंत्रों से धन्वंतरि की पूजा करने से सभी प्रकार की बीमारियों से मुक्ति मिलती है।
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धनतेरस 2025 - फोटो : amar ujala
Dhanteras 2025 Puja Muhurat Vidhi and Samagri List: धनतेरस दीपावली उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है और इसे बेहद शुभ दिन माना जाता है। यह पर्व न केवल नई खरीदारी और धन की वृद्धि से जुड़ा होता है, बल्कि स्वास्थ्य, समृद्धि और सुख-शांति की कामना के लिए विशेष पूजा-अर्चना का दिन भी होता है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक की गई पूजा घर में सकारात्रि्मक ऊर्जा लाती है और दरिद्रता को दूर करती है।
Dhanteras 2025: धनतेरस पर क्या-क्या खरीदना शुभ ? जानिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर एक चीज का महत्व
साल 2025 में धनतेरस का पर्व 18 अक्तूबर, शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा का विशेष महत्व होता है। सही मुहूर्त में पूजा करने और आवश्यक पूजन सामग्री के साथ धार्मिक विधियों का पालन करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में खुशहाली आती है।
Dhanteras 2025: धनतेरस पर इस विधि और मंत्रों से करें भगवान धन्वंतरि की पूजा, सभी बीमारियों से मिलेगी मुक्ति
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धनतेरस 2025 - फोटो : amar ujala
तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
  • तिथि: 18 अक्तूबर 2025 (शनिवार)
  • प्रदोष काल: सायं 5:48 बजे से रात्रि 8:20 बजे तक
  • वृषभ काल: सायं 7:16 बजे से रात्रि 9:11 बजे तक
  • धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त: सायं 7:16 बजे से रात्रि 8:20 बजे तक
  • पूजा के लिए उत्तम समय: वृषभ काल में ही पूजा करना श्रेष्ठ माना जाता है
  • पूज्य देवी-देवता: भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव
  • लाभ: इस समय पूजा करने से धन, स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है
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धनतेरस 2025 - फोटो : amar ujala
धनतेरस की पूजा विधि 
  • सबसे पहले घर और पूजा स्थान की अच्छे से सफाई करें। मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और दीपक लगाएं, ताकि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो।
  • घर के उत्तर-पूर्व कोने में एक चौकी रखें और उस पर लाल या पीले रंग का साफ कपड़ा बिछाएं। यही पूजा का मुख्य स्थान होगा।
  • एक तांबे या मिट्टी का कलश लें। उसमें गंगाजल और स्वच्छ पानी भरें, आम के पत्ते लगाएं और ऊपर एक नारियल रखें। यह शुभता और समृद्धि का प्रतीक होता है।
  • भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और गणेश जी की मूर्तियाँ या चित्र चौकी पर स्थापित करें।
  • पूजन में हल्दी, कुमकुम, चंदन, अक्षत (चावल), फूल, धूप, दीप, मिठाई, मेवे और दक्षिणा चढ़ाएं। श्रद्धा के साथ मंत्रों का उच्चारण करें।
  • पूजा के दौरान गाय के घी का एक बड़ा दीपक जलाएं। साथ ही 13 छोटे दीपक घर के अलग-अलग स्थानों पर जलाएं। यह दीर्घायु और समृद्धि का प्रतीक होता है।
  • खील, बताशे, मिठाई और मेवे का भोग लगाकर सभी देवताओं की आरती करें। इसके बाद परिवार के सभी सदस्य प्रसाद ग्रहण करें।

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धनतेरस 2025 - फोटो : amar ujala
धनतेरस पूजा सामग्री लिस्ट 
  • भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी माता और कुबेर जी की मूर्तियाँ या चित्र
  • गंगाजल और स्वच्छ पानी
  • हल्दी, कुमकुम, चंदन, और इत्र
  • ताजे फूल और फूलों की माला
  • कलावा (मौली) और जनेऊ
  • पूजा के लिए एक चौकी और उस पर बिछाने के लिए लाल या पीले रंग का कपड़ा
  • कलश, आम के पत्ते, और नारियल
  • भोग के लिए खील, बताशे, मिठाई और मेवे
  • अक्षत (चावल) और साबुत धनिया
  • 13 मिट्टी के दीये, गाय का घी, कपूर, और अगरबत्ती
  • दक्षिणा और थोड़ी मात्रा में नमक
  • चांदी या सोने का सिक्का, या कोई नई धातु की वस्तु
  • एक नई झाड़ू 
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धनतेरस 2025 - फोटो : amar ujala
धनतेरस पर क्या खरीदें
  • चांदी या सोने के सिक्के  मां लक्ष्मी और कुबेर जी का प्रतीक माने जाते हैं।
  • खासकर पीतल, तांबे या स्टील के बर्तन ये समृद्धि का प्रतीक हैं।
  • नई झाड़ू को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और दरिद्रता दूर करने वाला।
  • मोबाइल, लैपटॉप या घरेलू उपकरण आदि खरीदना शुभ होता है।
  • वाहन या कोई नई धातु की वस्तु खरीदना नई शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।
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धनतेरस 2025 - फोटो : amar ujala
धनतेरस पर क्या न खरीदें
  • कांच के सामान नाजुक होते हैं और टूटने की संभावना से अशुभ माने जाते हैं।
  • एल्यूमिनियम और लोहे के बर्तन को अशुद्ध धातु माना गया है।
  • काले कपड़े, जूते आदि; ये नकारात्मकता से जुड़ी मानी जाती हैं।
  • छुरी, कैंची या चाकू जैसी नुकीली वस्तुएं  क्लेश और कटुता का प्रतीक मानी जाती हैं।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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