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Dhanteras 2025 Shubh Yog: धनतेरस पर इन शुभ मुहूर्त में खरीदें सोना-चांदी या बर्तन, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

Fri, 17 Oct 2025 03:49 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Dhanteras 2025 Shubh Muhurat In Hindi: धनतेरस दीपावली का आरंभिक पर्व है, जिसमें भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। इस दिन खरीदारी और पूजा शुभ मानी जाती है, खासकर जब यह विशेष ज्योतिषीय योगों में की जाए।
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धनतेरस 2025 - फोटो : अमर उजाला

Dhanteras 2025 Shubh Muhurat Kab Hai: धनतेरस हिंदू धर्म में एक अत्यंत पावन और शुभ पर्व माना जाता है, जो हर वर्ष कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व दीपावली के पंचदिवसीय उत्सव की शुरुआत का प्रतीक होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे। इस विशेष अवसर पर माता लक्ष्मी, कुबेर महाराज और भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व होता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य बना रहता है।
Dhanteras 2025: इस बार धनतेरस पर वाहन और संपत्ति की खरीदारी हो सकती है अशुभ, जानें कब लेना होगा शुभ
धनतेरस के दिन खरीदारी का भी विशेष महत्व होता है। लोग इस दिन सोना-चांदी, बर्तन या अन्य कीमती वस्तुएं खरीदते हैं, जिसे शुभ और समृद्धि लाने वाला माना जाता है। इस वर्ष धनतेरस ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत शुभ मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं। इन विशेष योगों में की गई पूजा और खरीदारी से घर में सकारात्मक ऊर्जा, धन-धान्य और खुशहाली आती है।
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धनतेरस का पर्व वर्ष 2025 में शनिवार, 18 अक्तूबर को मनाया जाएगा। - फोटो : AdobeStock

धनतेरस 2025 तिथि और महत्व
धनतेरस का पर्व वर्ष 2025 में शनिवार, 18 अक्तूबर को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 18 अक्टूबर को दोपहर 12:18 बजे प्रारंभ होकर 19 अक्तूबर को दोपहर 1:51 बजे तक रहेगी। चूंकि त्रयोदशी तिथि का आरंभ 18 तारीख को हो रहा है, इसलिए इसी दिन धनतेरस मनाई जाएगी। यह पर्व दीपावली की शुरुआत का प्रतीक है और इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर महाराज की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। इस वर्ष धनतेरस पर कई शुभ और दुर्लभ योगों का संयोग बन रहा है, जो इसे विशेष और फलदायी बना रहा है।

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ब्रह्म योग में की गई पूजा और धार्मिक कार्य अत्यंत फलदायी होते हैं। - फोटो : adobe stock

ब्रह्म योग का संयोग
धनतेरस के दिन ब्रह्म योग का निर्माण होगा, जो देर रात तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ब्रह्म योग में की गई पूजा और धार्मिक कार्य अत्यंत फलदायी होते हैं। इस योग में भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से न केवल आर्थिक लाभ होता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक कष्टों से भी मुक्ति मिलती है।

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इस विशेष योग में भगवान शिव नंदी वाहन पर विराजमान रहते हैं। - फोटो : adobe stock

शिववास योग का निर्माण
इस दिन शिववास योग भी बन रहा है। इस विशेष योग में भगवान शिव नंदी वाहन पर विराजमान रहते हैं। शिववास योग को अत्यंत शुभ माना गया है और इसमें किए गए कार्य सफल होते हैं। यह योग किसी भी नए कार्य की शुरुआत, खरीदारी या पूजन के लिए उत्तम माना जाता है।

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धनतेरस खरीदारी के शुभ मुहूर्त - फोटो : AdobeStock

धनतेरस खरीदारी के शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर खरीदारी करना शुभ और सौभाग्यदायक माना जाता है। इस दिन नई चीजें, खासकर सोना-चांदी, बर्तन और कीमती सामान खरीदने से घर में लक्ष्मी का आगमन होता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार धनतेरस पर कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिनमें खरीदारी करना अत्यंत लाभकारी रहेगा।

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Dhanteras 2025 - फोटो : amar ujala

खरीदारी के प्रमुख मुहूर्त
प्रथम मुहूर्त: सुबह 8:50 बजे से 10:33 बजे तक
द्वितीय मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक
तृतीय मुहूर्त: शाम 7:16 बजे से रात 8:20 बजे तक
इन समयों में कोई भी शुभ वस्तु खरीदना विशेष फलदायी माना गया है।

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Dhanteras 2025 - फोटो : amar ujala

धनतेरस का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
शुभ काल: सुबह 7:49 बजे से 9:15 बजे तक
लाभ (उन्नति) मुहूर्त: दोपहर 1:32 बजे से 2:57 बजे तक#
अमृत काल: दोपहर 2:57 बजे से शाम 4:23 बजे तक
चर काल: दोपहर 12:06 बजे से 1:32 बजे तक
इन चौघड़िया मुहूर्तों में खरीदी गई वस्तुएं घर में शुभता, समृद्धि और सौभाग्य लाने वाली मानी जाती हैं।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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