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Dev Deepawali Special: क्यों जलाया जाता है 365 बातियों वाला दीपक? जानें धार्मिक महत्व

Fri, 31 Oct 2025 04:49 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

365 Batti Ka Diya jalane ke niyam: कार्तिक पूर्णिमा के दिन 365 बाती का दीपक जलाना साल भर की पूजा का फल एक साथ पाने का प्रतीक है। यह दीपदान घर में सुख, शांति और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।
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कार्तिक पूर्णिमा 2025 - फोटो : amar ujala
365 Batti Ka Diya Kaise jalaye: हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन स्नान, दान और दीपदान का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी पृथ्वी पर आते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। इसलिए लोग इस दिन विशेष पूजा-पाठ करते हैं और 365 बाती वाला दीपक जलाकर पूरे वर्ष की सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हैं।
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कहा जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन 365 बाती का दीपक जलाने से साल भर की सभी पूर्णिमाओं और पूजाओं का फल एक साथ प्राप्त होता है। इस दीपक को घर के मंदिर, तुलसी के पौधे, पीपल के पेड़ या किसी मंदिर में जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस परंपरा का उद्देश्य न सिर्फ धार्मिक आस्था है बल्कि यह प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का भी प्रतीक है। 
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365 बाती का दीपक कब जलाएं ? - फोटो : pexel
365 बाती का दीपक कब जलाएं ?
साल 2025 में 365 बाती का दीपक 5 नवंबर (बुधवार) को जलाया जाएगा, क्योंकि इस दिन कार्तिक पूर्णिमा है। कुछ लोग परंपरा अनुसार इसे एक दिन पहले यानी 4 नवंबर को बैकुंठ चतुर्दशी पर भी जलाते हैं। यह दीपक शाम के समय जलाना शुभ माना जाता है।
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365 बाती का दीपक सामग्री लिस्ट - फोटो : adobe stock
365 बाती का दीपक सामग्री लिस्ट
  • कच्चा सूत या कलावा
  • रोली
  • खील
  • जल
  • हल्दी
  • सूखा नारियल (गोला)

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365 बाती का दीया कैसे जलाएं? - फोटो : adobe stock
365 बाती का दीया कैसे जलाएं?
सूखे नारियल को दो भागों में काट लें। एक भाग में देसी घी भरें। अब कलावा या सूत लेकर 365 बाती बनाएं — अगर सूत 5 धागों का है, तो उसे 73 बार लपेटने से 365 बातियां पूरी हो जाती हैं। अब इन बातियों को नारियल के घी में रखें। दीपक जलाने से पहले उसके नीचे अक्षत डालें, फिर रोली और हल्दी से तिलक करें, खील डालें और ऊपर से तीन बार जल घुमाएं। इसके बाद दीपक को जलाएं और भगवान से पूरे वर्ष की सुख-समृद्धि की कामना करें।
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365 बाती का दीपक कहां जलाना चाहिए - फोटो : freepik
365 बाती का दीपक कहां जलाना चाहिए
यह दीपक आमतौर पर तुलसी के पौधे के सामने जलाया जाता है, और उसके बाद तुलसी की 108 बार परिक्रमा की जाती है। कुछ लोग इसे घर के मंदिर, पीपल, केले या आंवले के पेड़ के नीचे भी जलाते हैं। अपनी पारिवारिक परंपरा और श्रद्धा के अनुसार स्थान चुन सकते हैं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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