जन्माष्टमी की रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाने के बाद अगले दिन दही हांडी का पर्व मनाया जाता है। कई जगह इसे गोपालकाला भी कहा जाता है। आज यह आयोजन धार्मिक परंपरा के साथ-साथ एकता, साहस, टीमवर्क और सामूहिक उत्साह का प्रतीक बन चुका है। इस दिन गोविंदा पथक ऊंचाई पर बांधी गई मटकी तक पहुंचने के लिए मानव पिरामिड बनाते हैं। इस साल दही हांडी 5 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। ऐसे में आइए जानते हैं इस पर्व का महत्व और पौराणिक मान्यताएं।