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Chhath Puja 2025: छठी मैया की कृपा चाहिए? इन 5 फलों को पूजा में जरूर करें शामिल

Sat, 25 Oct 2025 05:31 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Chhath Puja Fruits List: छठ पूजा में छठी मैया को प्रसन्न करने के लिए विशेष फल अर्पित किए जाते हैं, जो घर में सुख-समृद्धि और शांति लाते हैं। इस पर्व के दौरान चालीसा का पाठ करने से भाग्य खुलता है और जीवन में खुशियों की वर्षा होती है।
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छठ पूजा 2025 - फोटो : amar ujala
Chhath Puja Prasad Items: छठ पूजा एक महत्वपूर्ण चार दिवसीय हिंदू त्योहार है, जो विशेष रूप से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस पर्व में परिवार और मित्र नदियों के किनारे इकट्ठा होकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं, उपवास रखते हैं और घर-परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हैं। यह पर्व श्रद्धा, संयम और पवित्रता का प्रतीक भी माना जाता है।
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छठ पूजा के दौरान छठी मैया को प्रसन्न करने के लिए विशेष फल अर्पित किए जाते हैं। कहा जाता है कि इन फलों को अर्पित करने से देवी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है। ये फल न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि पारिवारिक स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक भी माने जाते हैं।
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छठ पूजा में डाभ नींबू का विशेष महत्व है। - फोटो : adobe stock
डाभ नींबू
छठ पूजा में डाभ नींबू का विशेष महत्व है। यह सामान्य नींबू से बड़ा और हल्का मीठा होता है। धार्मिक दृष्टि से इसे शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। व्रत और पूजा के दौरान इसे अर्पित करने से घर में शांति, सौभाग्य और समृद्धि बनी रहती है। साथ ही, डाभ नींबू का मोटा छिलका इसे जूठा या अशुद्ध होने से बचाता है, जिससे इसे छठी मैया के लिए पवित्र माना जाता है।
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अनानास को छठ पूजा के प्रसाद में शामिल करना शुभ माना जाता है। - फोटो : freepik.com
अनानास
अनानास को छठ पूजा के प्रसाद में शामिल करना शुभ माना जाता है। यह फल न केवल खाने में स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसे अर्पित करने से सकारात्मकता और सौभाग्य का संकेत माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अनानास अर्पित करने से घर में खुशहाली, सुख-समृद्धि और परिवार के सभी सदस्यों के जीवन में संतुलन और सुख आता है।

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केला छठ पूजा का अनिवार्य फल माना जाता है। - फोटो : Freepik.com
केला
केला छठ पूजा का अनिवार्य फल माना जाता है। इसे भगवान विष्णु का प्रिय फल माना जाता है और इसे छठी मैया को अर्पित करने से परिवार को धन, स्वास्थ्य, बच्चों की सुरक्षा और लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही, केले का प्रयोग पूजा में प्रतीकात्मक रूप से धैर्य और स्थिरता के लिए भी किया जाता है। व्रतधारी और परिवार के सभी सदस्य इसे अर्पित करके देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त करते हैं।
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गन्ना छठ पूजा में सजावट और अर्घ्य दोनों के लिए इस्तेमाल होता है। - फोटो : Amar Ujala
गन्ना
गन्ना छठ पूजा में सजावट और अर्घ्य दोनों के लिए इस्तेमाल होता है। यह नई फसल, मिठास और जीवन की खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। गन्ने की पवित्रता और मिठास के कारण इसे अर्पित करने से घर में समृद्धि, खुशहाली और भरपूर फसल का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही, गन्ना देवी छठी मैया को प्रिय है और इसे अर्पित करने से परिवार के सभी कार्यों में सफलता और सुख-शांति बनी रहती है।
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छठ पूजा में सिंघाड़ा अर्पित करना भी बेहद शुभ माना जाता है। - फोटो : instagram
सिंघाड़ा
छठ पूजा में सिंघाड़ा अर्पित करना भी बेहद शुभ माना जाता है। यह फल विशेष रूप से पानी में होता है और इसका आवरण सख्त होता है, जिससे कोई भी जीव इसे जूठा या अशुद्ध नहीं कर पाता। यही वजह है कि इसे पूरी तरह पवित्र माना जाता है और छठी मैया को अर्पित किया जाता है। धार्मिक दृष्टि से, सिंघाड़ा देवी लक्ष्मी और छठी मैया को प्रिय फल माना जाता है। इसे पूजा में शामिल करने से घर में धन, अन्न-धान्य की प्राप्ति और समृद्धि बनी रहती है। साथ ही, यह शुद्धता और स्वच्छता का प्रतीक भी है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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