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छठ महापर्व 2026: कब है छठ पूजा? जानें नहाय-खाय, खरना और अर्घ्य की तारीख

Wed, 07 Oct 2026 11:32 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Chhath Puja 2026: छठ महापर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का चार दिवसीय पर्व है। इस दौरान नहाय-खाय, खरना और सूर्य देव को संध्या व प्रातःकालीन अर्घ्य देने की परंपरा है। आइए जानते हैं 2026 में छठ पूजा कब है और नहाय-खाय से लेकर अर्घ्य तक की सही तारीखें।
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छठ पूजा 2026 कैलेंडर - फोटो : AI

Chhath Puja 2026 Date: छठ महापर्व सूर्य देव और छठी मैया की उपासना से जुड़ा चार दिवसीय पर्व है। खासतौर पर बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और देश के कई अन्य हिस्सों में इसे श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। इस दौरान व्रती कठिन नियमों का पालन करते हुए नहाय-खाय से पर्व की शुरुआत करते हैं और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रत का समापन होता है। कार्तिक शुक्ल पक्ष में मनाए जाने वाले इस पर्व में नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य चार प्रमुख पड़ाव होते हैं। अगर आप भी 2026 में छठ पूजा की तैयारी कर रहे हैं तो आइए जानते हैं किस दिन कौन-सा अनुष्ठान किया जाएगा।

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छठ पूजा कब से शुरू होगी? - फोटो : freepik

छठ पूजा कब से शुरू होगी?
साल 2026 में छठ महापर्व की शुरुआत 13 नवंबर, शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ होगी। इसके बाद 14 नवंबर को खरना, 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य और 16 नवंबर को उषा अर्घ्य दिया जाएगा। इस तरह चार दिवसीय छठ पर्व 13 नवंबर से 16 नवंबर 2026 तक चलेगा।

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छठ पूजा का पहला दिन 13 नवंबर 2026, शुक्रवार को होगा। इसे नहाय-खाय कहा जाता है। - फोटो : अमर उजाला

नहाय-खाय कब है?
छठ पूजा का पहला दिन 13 नवंबर 2026, शुक्रवार को होगा। इसे नहाय-खाय कहा जाता है। इस दिन व्रती स्नान करने के बाद शुद्ध तरीके से भोजन तैयार करते हैं और सात्विक आहार ग्रहण करके पर्व की शुरुआत करते हैं। नहाय-खाय के दिन भोजन में विशेष रूप से लौकी की सब्जी, चने की दाल और चावल बनाए जाने की परंपरा है। इस दिन सूर्य देव और कुल देवी-देवताओं की पूजा कर प्रसाद अर्पित किया जाता है।

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नहाय-खाय के अगले दिन यानी 14 नवंबर 2026, शनिवार को खरना मनाया जाएगा। - फोटो : अमर उजाला

खरना की तिथि 
नहाय-खाय के अगले दिन यानी 14 नवंबर 2026, शनिवार को खरना मनाया जाएगा। छठ पूजा में खरना का विशेष महत्व है। इस दिन व्रती दिनभर उपवास रखते हैं और शाम को पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करते हैं। खरना के प्रसाद में गुड़ की खीर और रोटी प्रमुख रूप से बनाई जाती है। पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करने के साथ ही व्रती का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है, जो अगले दिन सूर्य को संध्या अर्घ्य देने तक चलता है।

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छठ पर्व का सबसे प्रमुख दिन 15 नवंबर 2026, रविवार होगा। - फोटो : संवाद

छठ पूजा में संध्या अर्घ्य कब दिया जाएगा?
छठ पर्व का सबसे प्रमुख दिन 15 नवंबर 2026, रविवार होगा। इस दिन व्रती और परिवार के लोग शाम के समय किसी नदी, तालाब या अन्य जलाशय के किनारे पहुंचकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। पंचांग के अनुसार कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि का आरंभ 14 नवंबर की रात 11:23 बजे होगा और इसका समापन 16 नवंबर की रात करीब 2 बजे होगा। षष्ठी तिथि के कारण 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य दिया जाएगा। इस दौरान छठी मैया और सूर्य देव की पूजा की जाती है। व्रती बांस की टोकरी या सूप में ठेकुआ, फल, गन्ना और अन्य प्रसाद सजाकर जल में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं।

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उषा अर्घ्य कब होगा? - फोटो : अमर उजाला

उषा अर्घ्य कब होगा?
छठ महापर्व का अंतिम दिन 16 नवंबर 2026, सोमवार को होगा। इस दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। इसे उषा अर्घ्य कहा जाता है। सुबह सूर्य उदय से पहले व्रती घाट पर पहुंचते हैं और उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इसके बाद छठी मैया की पूजा और प्रसाद वितरण के साथ चार दिवसीय व्रत का समापन होता है।

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छठ पूजा की तिथि

छठ पूजा की तिथि 

  • 13 नवंबर 2026: नहाय-खाय
  • 14 नवंबर 2026: खरना
  • 15 नवंबर 2026: संध्या अर्घ्य
  • 16 नवंबर 2026 : उषा अर्घ्य और पारण
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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