चातुर्मास 2026
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चातुर्मास नियमों का मुख्य वर्गीकरण
गृहस्थों के लिए नियम
इस अवधि में खान-पान पर संयम, सात्विक आहार, दान, पूजा-पाठ और दैनिक दिनचर्या में अनुशासन बनाए रखने के नियम होते हैं।
संन्यासियों के लिए नियम
संन्यासी इन चार महीनों में पद-यात्रा (विहार) रोककर एक ही स्थान पर निवास (वर्षावास) करते हैं। वे इस समय गहन तपस्या, मौन, स्वाध्याय और ध्यान पर विशेष बल देते हैं।
स्वास्थ्य और आध्यात्मिक दृष्टिकोण
चातुर्मास में बताए गए नियमों का पालन करने से मुख्य रूप से दो बड़े लाभ मिलते हैं
- शारीरिक स्वास्थ्य लाभ-वर्षा ऋतु में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है और बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। नियमों का पालन करने से पेट और पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।
- मानसिक स्वास्थ्य व शांति-जप, तप और संयम का पालन करने से मानसिक तनाव दूर होता है और चित्त में शांति बनी रहती है।