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Ashtami 2026: आज शुभ योग में अष्टमी, जानें मां महागौरी की कथा और कन्या पूजन का समय

Thu, 26 Mar 2026 01:04 AM IST
Megha Kumari धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ashtami 2026:  26 मार्च को अष्टमी मनाई जा रही है, जिस पर मां महागौरी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि, श्रद्धा पूर्वक पूजा करने से साधक को सौभाग्य, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती हैं।
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Ashtami 2026 - फोटो : Amar Ujala
Ashtami 2026: 26 मार्च को चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि है, जो मां महागौरी की उपासना के लिए समर्पित मानी जा ती है। मान्यता है कि, इस दिन देवी की सच्चे मन से आराधना करने पर वैवाहिक जीवन सुखमय होता है। साथ ही जीवन में शांति व संतुलन बना रहता है। शास्त्रों के मुताबिक, अष्टमी के दिन कन्या पूजन का भी विशेष महत्व है। छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करने से सुख-सौभाग्य बढ़ता है। साथ ही नवरात्रि के व्रत का पारण भी इस दिन किया जाता है। हालांकि, अष्टमी पर मां महागौरी की कथा का पाठ करने से देवी शीघ्र प्रसन्न होती हैं। ऐसे में आइए इस कथा को जानते हैं।
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Ashtami 2026 - फोटो : adobe
अष्टमी कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
  • सुबह 6 बजकर 18 मिनट से 7:50 तक कन्या पूजन कर सकते हैं। 
  • सुबह 10:55 से दोपहर 3:31 तक का भी शुभ समय बना रहेगा।
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Ashtami 2026 - फोटो : adobe
मां महागौरी की पौराणिक कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने शिव जी को पति रूप में पाने के लिए कई वर्षों से अत्यंत कठोर तपस्या की थी। यह तप इतना कठोर था कि, उनका शरीर काला पड़ गया था। कहते हैं कि, देवी की तपस्या निर्जला तपस्या थी। माता की इस अटूट भक्ति और समर्पण भाव को देख महादेव प्रसन्न हो उठे। इसके बाद भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया और गंगा जी के पवित्र जल से उनका अभिषेक किया। माना जाता है कि, जैसे ही देवी पर गंगाजल का स्पर्श हुआ उनका शरीर विद्युत के समान तेजस्वी और गौर वर्ण का हो गया। उसी क्षण से वे मां महागौरी के नाम से विख्यात हुई। माना जाता है कि, देवी के इस रूप की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को मनचाहा साथी पाने का वरदान प्राप्त होता है। साथ ही जीवन में सकारात्मकता बढ़ती हैं। 


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Ashtami 2026 - फोटो : freepik
मां महागौरी की आरती
 
जय महागौरी जगत की माया ।
जय उमा भवानी जय महामाया ॥
हरिद्वार कनखल के पासा ।
महागौरी तेरा वहा निवास ॥
चंदेर्काली और ममता अम्बे
जय शक्ति जय जय मां जगदम्बे ॥
भीमा देवी विमला माता
कोशकी देवी जग विखियाता ॥
हिमाचल के घर गोरी रूप तेरा
महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा ॥
सती 'सत' हवं कुंड मै था जलाया
उसी धुएं ने रूप काली बनाया ॥
बना धर्म सिंह जो सवारी मै आया
तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया ॥
तभी मां ने महागौरी नाम पाया
शरण आने वाले का संकट मिटाया ॥
शनिवार को तेरी पूजा जो करता
माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता ॥
'चमन' बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो
महागौरी माँ तेरी हरदम ही जय हो ॥
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Ashtami 2026 - फोटो : adobe
मां महागौरी मंत्र
ॐ देवी महागौर्यै नमः
स्तुति मंत्र
श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।।
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): 
यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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