Akhand Jyoti on Chaitra Navratri
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अखंड ज्योति के बुझने पर क्या करें?
अखंड ज्योति का बुझना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे निरंतर जलता हुआ रखने की परंपरा है। यदि ऐसा हो, तो सबसे पहले मां दुर्गा से माफी मांगे और उन्हें मन से प्रार्थना करें कि वे आपके घर में बनी सुख-शांति और आशीर्वाद को बनाए रखें। इसके बाद, अखंड ज्योति के पास एक छोटा दीपक जलाएं, जिससे इस दीपक की ज्योति से अखंड ज्योति को फिर से जलाया जा सकता है।
अगर नवरात्रि के बाद भी ज्योत जल रही हो, तो उसे खुद से बुझाने की बजाय, उसे स्वतः शांत होने दें। इसे किसी बाहरी कारण से बुझाना या हस्तक्षेप करना अशुभ माना जाता है। इसलिए, जैसे-जैसे दीपक का तेल समाप्त होता है, उसे स्वाभाविक रूप से बुझने देना चाहिए। इस तरीके से ज्योत का सही तरीके से शांत होना सुनिश्चित होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।