चैत्र नवरात्रि पर कलश स्थापना विधि और मुहूर्त
- फोटो : facebook
कलश स्थापना पूजा विधि
चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
तदोपरांत मंदिर की साफ-सफाई करके गंगाजल छिड़कें।
अब लाल कपड़ा बिछाकर उसपर अक्षत(चावल) रखें।
अब मिट्टी के पात्र में जौ बो दें और इस पात्र पर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें।
अब कलश के मुख पर अशोक के पत्ते लगाएं और स्वास्तिक बनाएं।
अब इसमें साबुत सुपारी, सिक्का और अक्षत डालें।
इसके उपरांत एक नारियल पर चुनरी लपेटकर कलावा बांधें।
अब इस कलश के ऊपर नारियल स्थापित करके देवि दुर्गा का आह्वान करें।
कलश के लिए सोना, चांदी, तांबा, पीतल के धातु के अलावा मिट्टी का घड़ा शुभ माना गया है।