नवरात्रि के नौ दिन भक्ति, अराधना और संयम के होते हैं, साधक, भक्त गण इन नौ दिनों मां की उपासना पूर्ण संयम से करते हैं, भक्तगण नौ दिन मां की आराधना, साधना करते हैं और इसके पश्चात हवन और कन्या पूजन का अनुष्ठान करते हैं। ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। सनातन धर्म वैसे तो सभी बच्चों में ईश्वर का रूप बताता है किन्तु नवरात्रों में छोटी कन्याओं में माता का रूप बताया गया है।