Chaitra Navratri 2019 Kanya Pujan
उम्र के अनुसार होता है कन्या का नाम
शास्त्रानुसार कन्या के जन्म का एक संवत (वर्ष) बीतने के पश्चात् कन्या को कुवांरी की संज्ञा दी गई है, अतः दो वर्ष की कन्या को कुमारी, तीन वर्ष की कन्या को अ+उ+म त्रिदेव-त्रिमूर्ति, चार वर्ष की कल्याणी, पांच वर्ष की रोहिणी, छह वर्ष की कालिका, सात वर्ष की चंडिका, आठ वर्ष की शाम्भवी, नौ वर्ष की दुर्गा और दस वर्ष की कन्या सुभद्रा के समान मानी जाती है।
धर्म ग्रंथों के अनुसार तीन वर्ष से लेकर नौ वर्ष की कन्याएं साक्षात् माता का स्वरूप मानी जाती है। दुर्गा सप्तशती में कहा गया है कि "कुमारीं पूजयित्या तू ध्यात्वा देवीं सुरेश्वरीम्" अर्थात् दुर्गापूजन से पहले कुवांरी कन्या का पूजन करने के पश्चात् ही माँ दुर्गा का पूजन करें।