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Chaiti Chhath Puja: इन चीजों के बिना अधूरा है चैती छठ का व्रत, नोट कर लें पूजा सामग्री

Tue, 01 Apr 2025 12:02 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Chaiti Chhath Puja Samagri: चैती छठ एक महत्वपूर्ण हिंदू महापर्व है, जो खासकर बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मनाया जाता है। छठ पूजा विशेष रूप से चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से प्रारंभ होकर सप्तमी तिथि पर समाप्त होती है। 
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चैत्र नवरात्रि उपाय - फोटो : adobe stock
Chaiti Chhath Puja Samagri List: चैती छठ एक महत्वपूर्ण हिंदू महापर्व है, जो खासकर बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मनाया जाता है। यह पर्व सूर्य देवता और छठी माई की पूजा के लिए समर्पित है। छठ पूजा विशेष रूप से चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से प्रारंभ होकर सप्तमी तिथि पर समाप्त होती है। इस व्रत में व्रती 36 घंटे का निर्जला व्रत रखते हैं, जिसका उद्देश्य आत्म-निर्बलता और शुद्धता के साथ सूर्य देवता से आशीर्वाद प्राप्त करना होता है। इस पर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है, फिर खरना और उसके बाद संध्या अर्घ्य और ऊषा अर्घ्य के साथ पूजा पूरी होती है। यदि आप पहली बार छठ पूजा कर रहे हैं तो आपको पूजा विधि और सामग्री की पूरी जानकारी होने की आवश्यकता है। आइए जानते हैं विस्तार से। 
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चैत्र नवरात्रि उपाय - फोटो : freepik
चैती छठ पूजा के लिए पूजा सामग्री
  • पूजा सामग्री रखने के लिए एक साफ थाली।
  • पूजा स्थल पर दीपक जलाने के लिए मिट्टी के दीए।
  • खाजा, गुड़ और अदरक का पौधा
  • चावल, आटा और जल
  • शहद, गंगाजल और चंदन
  • सिंदूर, धूपबत्ती, कुमकुम और कपूर
  • बांस या पीतल का सूप
  • दूध और जल के लिए गिलास
  • ऋतुफल, कलावा, सुपारी, फूल और माला
  • तांबे का कलश और बड़ी टोकरी
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चैत्र नवरात्रि उपाय - फोटो : adobe stock
प्रसाद की सामग्री
  • चम्मच, लड्डू, हल्दी, नाशपाती
  • पत्ते लगे हुए ईख, दूध, तेल और बाती
  • नारियल, शरीफा, दूध से बनी मिठाइयाँ
  • बड़ा नींबू, सिंघाड़ा, सुथनी, शकरकंदी, मूली, बैंगन, केले, गेहूं
 

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चैत्र नवरात्रि उपाय - फोटो : adobe stock
कब से कब तक होगा चैती छठ महापर्व?
1 अप्रैल ,मंगलवार: नहाय खाय
2 अप्रैल ,बुधवार: खरना
3 अप्रैल,गुरुवार: संध्या अर्घ्य (डूबते सूर्य को अर्घ्य)
4 अप्रैल,शुक्रवार: उषा अर्घ्य (उगते सूर्य को अर्घ्य) और पारण (प्रसाद ग्रहण)
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चैत्र नवरात्रि उपाय
चैती छठ पूजा का महत्व
चैती छठ पूजा सूर्य देवता और छठी माई की पूजा से संबंधित है। यह पर्व विशेष रूप से उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का है। व्रति इस दौरान सूर्यदेव से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कठिन व्रत रखते हैं। यह पूजा समृद्धि, सुख-शांति, और समग्र कल्याण की प्राप्ति के लिए की जाती है। इसके अलावा, यह व्रत परिवार के कल्याण और सशक्त संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
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चैत्र नवरात्रि उपाय - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
चैती छठ पर इन नियमों का रखें ध्यान 
  • चैती छठ पूजा के दौरान सफाई का विशेष ध्यान रखें। 
  • व्रत के सभी नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए, जिससे पूजा सही विधि से पूरी हो सके। 
  • पूजा के दौरान घर के सभी सदस्य सात्विक भोजन ग्रहण करें। 
  • नहाय-खाय के दिन से लेकर उगते सूर्य को अर्घ्य देने तक लहसुन और प्याज का सेवन न करें। 
  • व्रती को प्रसाद स्वयं बनाएं, यदि आप प्रसाद नहीं बना पा रहे हैं तो किसी न किसी रूप में मदद जरूर करें। 
  • प्रसाद बनाते समय स्वच्छता और शुद्धता का ध्यान रखें। 
  • इस बात का विशेष ध्यान रखें कि छठ पूजा से जुड़े सभी प्रसाद मिट्टी के चूल्हे पर ही बनाए जाएं। 
  • पूजा के कपड़ों में सुई का उपयोग न करें। 
  • पूजा में बांस से बनी सूप और टोकरी का ही इस्तेमाल करें।  
  • व्रती पूरी पूजा के दौरान जमीन पर चटाई बिछाकर ही सोए। 


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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