चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक ग्रह माना गया है
भाई दूज का ज्योतिषीय महत्व
भाई दूज अमावस्या के बाद आने वाली द्वितीया तिथि को मनाया जाता है, जब चंद्रमा शुक्ल पक्ष में प्रवेश करता है। यह समय भावनाओं और रिश्तों में नई ऊर्जा भरने का प्रतीक माना जाता है। चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक ग्रह माना गया है, इसलिए इस दिन बहन द्वारा भाई के माथे पर तिलक करना केवल एक संस्कार नहीं, बल्कि भाई के मन और आत्मबल को मजबूत करने का उपाय भी है। इस तिलक से भाई के जीवन में स्थिरता, संतुलन और सकारात्मकता आती है।