दिवाली के दो दिन बाद आता है भाई दूज, जो राखी के बाद भाई-बहन के प्यार को समर्पित दूसरा त्योहार है। इस बार भाई दूज 21 अक्टूबर को है। कहा जाता है अगर इस दिन कोई भाई अपने बहन के हाथों से खाना खाए तो भाई की आयु लंबी होती है। जानिए कैसे
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कहा जाता है कि एक बार यमराज के पास उनकी बहन यमुना का संदेश आया तो यमराज सब कुछ छोड़कर उनसे मिलने पहुंच गए और इसी तरह से यम द्वितीया का त्योहार शुरू हुआ। भविष्योत्तर पुराण में यम द्वितीया यानी भैया दूज मनाने का यही कारण बताया गया है।
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भगवान यमराज अपनी बहन यमुना के घर पहुंचे तो यमुना ने यमराज की पूजा करके अपने हाथ से उन्हें भोजन खिलाया। भोजन के पश्चात संध्या के समय तक यमराज यमुना के घर में रहे। माना जाता है कि हर वर्ष यमराज यमद्वितीया यानी कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन यमुना के घर आते हैं।
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भविष्योत्तर पुराण के अनुसार यमराज ने यमुना को वरदान दिया है कि जो भी व्यक्ति यमद्वितीया के दिन यमुना के जल में स्नान करके बहन के घर जाकर उनके हाथों से बना भोजन करेगा उसकी आयु लंबी होगी। यमद्वितीया के दिन अगर यमुना में स्नान नहीं पाते तो बहन के घर जाकर उसके हाथों से यमुना जल का टीका लगवाएं और उनके हाथों से बना भोजन करें तो इससे भी अकाल मृत्यु से रक्षा होती है।
व्यवहारिक तौर पर देखें तो यमद्वितीया का त्योहार इसलिए बना है कि विवाह के पश्चात अपने मायके से दूर ससुराल में बहन कैसे रह रही है यह भाई को पता चले। भाई बहनों के बीच समय के अभाव और दूरियों के बावजूद भी अपनापन और स्नेह बना रहे।
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