आज से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि पर्व शुरू हो चुका है। इस बार गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ बहुत ही शुभ योग में हुआ है और इस पावन पर्व का समापन (18 जुलाई) भी बहुत ही शुभ नक्षत्र के योग में होगा। गुप्त नवरात्रि की शुरुआत रवि पुष्य योग के साथ हुई है और समापन अबूझ मुहूर्त भड़ली नवमी पर होगा। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक चलने वाले इस पावन पर्व में शक्ति की साधना की जाती है। नवरात्रि को सनातन धर्म का सबसे पवित्र और ऊर्जादायक पर्व माना गया है। एक वर्ष में चार नवरात्रि होते हैं। इनमें दो को गुप्त और दो सामन्य कहे गए हैं। गुप्त नवरात्रि आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा और वर्षा ऋतु के मध्य आरंभ होता है। यह नवरात्रि गुप्त साधनाओं के लिए परम श्रेष्ठ कहा गया है। मान्यता के अनुसार, गुप्त नवरात्रि पर्व में कुछ विशेष उपाय करने से जातकों को नौकरी, व्यापार, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में खूब तरक्की मिलती है। आप भी ये उपाय गुप्त नवरात्रि के दिन कर सकते हैं-