फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Akshaya Tritiya 2025:अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त में होंगे सभी शुभ कार्य, जानें तिथि और महत्व

Sun, 13 Apr 2025 06:42 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Akshay Tritiya Muhurat:  अक्षय तृतीया एक अबूझ मुहूर्त है, जो हर साल वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाते हैं। 30 अप्रैल को यदि आप कोई नया काम आरंभ करने का विचार कर रहे हैं, तो यह दिन विशेष रूप से अनुकूल रहेगा।
विज्ञापन
1 of 6
अक्षय तृतीया 2025 - फोटो : adobe stock
Akshay Tritiya 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाने वाली अक्षय तृतीया इस वर्ष 30 अप्रैल को पड़ेगी। यह तिथि अपने आप में अबूझ मानी जाती है, यानी कि इस दिन कोई भी शुभ कार्य बिना मुहूर्त देखे किया जा सकता है। शास्त्रों के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन किए गए पुण्य कर्मों का फल कभी क्षीण नहीं होता, इसीलिए इस दिन की विशेष मान्यता है। आइए इसी क्रम में जानते हैं कब से शुरू हुई अक्षय तृतीया की शुरुआत और यह क्यों मानी जाती है इतनी फलदायी।

Vikat Sankashti Chaturthi 2025: विकट संकष्टी चतुर्थी कब? चंद्रोदय पर करें गणपति पूजन, हर संकट होगा दूर

Hanuman Janmotsav 2025: कब है हनुमान जन्मोत्सव ? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और बजरंगबली की पूजा विधि

विज्ञापन

2 of 6
अक्षय तृतीया 2025 - फोटो : adobe stock
कब से कब तक है तृतीया तिथि?
पंचांग के मुताबिक, अक्षय तृतीया की तिथि 29 अप्रैल की शाम 5:32 बजे से आरंभ होकर 30 अप्रैल दोपहर 2:13 बजे तक रहेगी। लेकिन उदया तिथि को प्रधानता दी जाती है, अतः 30 अप्रैल को पूरे दिन अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन लोग विवाह, गृह प्रवेश, वाहन या संपत्ति खरीदने, व्यापार आरंभ करने जैसे कार्यों को शुभ मानते हैं।
विज्ञापन

3 of 6
अक्षय तृतीया 2025 - फोटो : adobe stock
किस युग से हुई इस दिन की शुरुआत? 
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन सतयुग, त्रेतायुग और द्वापरयुग की शुरुआत हुई थी। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में अवतार लिया था और मां गंगा का धरती पर अवतरण भी इसी तिथि को हुआ था। यही नहीं, चारधाम यात्रा की शुरुआत भी अक्षय तृतीया से होती है, जिससे इस तिथि का महत्व और बढ़ जाता है।

4 of 6
अक्षय तृतीया 2025
क्यों सोना खरीदना होता है शुभ?
इस दिन सोना-चांदी खरीदने की परंपरा भी वर्षों से चली आ रही है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई चीजें घर में सुख-समृद्धि लेकर आती हैं और धन में वृद्धि होती है। इसलिए बाजारों में खास चहल-पहल देखी जाती है।
विज्ञापन

5 of 6
अक्षय तृतीया 2025 - फोटो : adobe stock
धार्मिक महत्व 
ज्योतिषियों के अनुसार, अक्षय तृतीया पर किए गए कार्यों का फल स्थायी होता है। ऐसे में जिन लोगों ने लंबे समय से कोई शुभ कार्य टाल रखा है, वे इस दिन का लाभ उठा सकते हैं। धार्मिक दृष्टिकोण से भी यह तिथि अत्यंत पुण्यदायी मानी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
अक्षय तृतीया 2025 - फोटो : adobe stock
अक्षय तृतीया क्यों कहलाता है अबूझ मुहूर्त?
अक्षय तृतीया एक अबूझ मुहूर्त है, जो हर साल वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाते हैं। 30 अप्रैल को यदि आप कोई नया काम आरंभ करने का विचार कर रहे हैं, तो यह दिन विशेष रूप से अनुकूल रहेगा। शुभता और सफलता के लिए यह दिन एक सुनहरा अवसर है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें