धार्मिक शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया को बेहद ही शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन जो भी कार्य किए जाते हैं, उसका शुभ फल प्राप्त होता है। इस पावन पर्व को आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है।अक्षय तृतीया का पावन पर्व आज मनाया जाएगा। आइए, आज जानते हैं अक्षय तृतीया से जुड़ी कुछ खास बातें....
अक्षय तृतीया के शुभ दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है। इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।
विज्ञापन
3 of 12
akshaya tritiya 2020
- फोटो : wikipedia
परशुराम की जन्मतिथि
धार्मिक कथाओं के अनुसार अक्षय तृतीया के पावन दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार श्री परशुराम जी का जन्म हुआ था।
4 of 12
akshaya tritiya 2020
मां गंगा का आगमन
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन ही मां गंगा का धरती पर आगमन हुआ था।
विज्ञापन
5 of 12
akshaya tritiya 2020
- फोटो : अमर उजाला
पिंडदान का महत्व
अक्षय तृतीया के पावन दिन पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष प्रदान होता है। इस दिन पितृ पक्ष में किए गए पिंडदान करने का बहुत अधिक महत्व होता है।
विज्ञापन
6 of 12
akshaya tritiya 2020
महाभारत ग्रंथ का लेखन प्रारंभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन से ही वेद व्यास और भगवान गणेश ने महाभारत ग्रंथ लिखना शुरू किया था।
विज्ञापन
7 of 12
akshaya tritiya 2020
बदरीनाथ के कपाट खुलने का दिन
भारत के चार धामों में एक बदरीनाथ धाम के कपाट भी अक्षय तृतीया के दिन खोले जाते हैं।
8 of 12
akshaya tritiya 2020
वृंदावन में बांके बिहारी के चरणों के दर्शन
अक्षय तृतीया के शुभ दिन वृंदावन के बांके बिहारी जी के मंदिर में श्री विग्रह के चरणों के दर्शन होते हैं। साल में केवल एक बार इसी तिथि के दिन ही ऐसा होता है।
9 of 12
akshaya tritiya 2020
- फोटो : Social media
सुदामा और भगवान कृष्ण का मिलन
धार्मिक कथाओं के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन सुदामा भगवान कृष्ण से मिलने पहुंचे थे।
10 of 12
akshaya tritiya 2020
सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन से ही सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ हुआ था।
11 of 12
akshaya tritiya 2020
द्वापर युग का समापन
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन ही द्वापर युग का समापन हुआ था।