वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। इस दिन पर सभी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। अक्षय तृतीया का पर्व 7 वजहों से बहुत खास मानी जाती है। आइए जानते हैं।
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शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया को सतयुग और त्रेतायुग का आरम्भ माना गया है। इस दिन पर किया गया जप,तप, ज्ञान और दान अक्षय फलदायक होता है।
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इस दिन से ही भगवान ब्रदीनारायण के पट खुलते हैं।
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अक्षय तृतीया के दिन शुभ और पवित्र कार्य करने से जीवन धन्य हो जाता है। इस दिन गंगा स्नान का बहुत महत्व होता है।
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अक्षय तृतीया के अवसर पर वृंदावन के श्री बांकेबिहारी जी के मंदिर में साल में एक बार इसी दिन श्री विग्रह के चरण दर्शन होते हैं। पूरे साल बांकेबिहारी कपड़ों से ढके रहते हैं।
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ऐसी मान्यता है कि इसी दिन नर-नारायण ने भी इसी दिन अवतार लिया था इसलिए इस दिन का विशेष महत्व होता है।
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अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान परशुराम का जन्मदिन है। इस दिन परशुरामजी की पूजा करते हैं। साथ ही हयग्रीव का अवतार भी इसी दिन हुआ था।