अक्षय तृतीया के अनुसार इस दिन किया गया कोई भी पुण्य कार्य 'अक्षय' फल देता है।
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अक्षय तृतीया का महत्व
अक्षय तृतीया के अनुसार इस दिन किया गया कोई भी पुण्य कार्य 'अक्षय' फल देता है। इस दिन व्यक्ति को दान, ध्यान, गंगा स्नान और पूजा-पाठ जैसे कार्यों में संलग्न होना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से समृद्धि आती है। पुराणों में उल्लेख है कि अक्षय तृतीया के दिन ही गंगा मां स्वर्ग से मृत्युलोक में अवतरित हुई थीं। अक्षय तृतीया नए युग की शुरुआत का भी प्रतीक है। धार्मिक मान्यता है कि सत्य, त्रेता और द्वापर युग इन सभी की शुरुआत अक्षय तृतीया के दिन ही हुई थी। हर साल इस पवित्र दिन पर, उत्तराखंड में गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खोले जाते हैं, जिसके साथ ही चार धाम यात्रा की पूर्ण रूप से शुरुआत हो जाती है।
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