surya worship
आरोग्य के लिए सूर्योपासना-
सूर्य की रोगशमन शक्ति का उल्लेख वेद ,पुराण एवं योगशास्त्र में वर्णित है। इनमें यह भी लिखा है कि आरोग्य सुख हेतु सूर्य की उपासना सर्वथा फलदायी है।सूर्य की रोशनी के बिना जगत में कुछ भी संभव नहीं है। पुराणों के अनुसार इस सप्तमी को जो भी सूर्य देव की उपासना तथा व्रत करते है,उनके सभी रोग ठीक हो जाते हैं। आज भी सूर्य चिकित्सा का उपयोग आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में किया जाता है। शारीरिक कमजोरी, हड्डियों की कमज़ोरी या जोड़ों में दर्द जैसी परेशानियों में भगवान सूर्य की आराधना करने से रोग से मुक्ति मिलने की संभावना बनती है।
सूर्य की ओर मुख करके सूर्य स्तुति करने से त्वचा रोग आदि नष्ट हो जाते हैं व नेत्रज्योति बढ़ती है,ऐसा धर्म ग्रंथों में उल्लेख मिलता है। यदि निराशा से ग्रसित व्यक्ति यह पाठ करे तो उसका मनोवल पुष्ट होता है। वही सफ़ेद दाग सहित सभी प्रकार के कुष्ठ रोगों के उपचार में सूर्योपासना सहायक सिद्ध हुई है।वैदिक काल से ही हमारे ऋषि-मुनि इस बात से भली-भांति परिचित थे कि सूर्य ही जीवनप्रदायक और जीवनपोषक शक्ति है।