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पूर्णिमा और चंद्रग्रहण आज, एक राशि के लिए घातक 4 पर खास असर...पर भूल से भी न करें एक काम

Fri, 27 Jul 2018 01:30 PM IST
नीरज कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
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Lunar Eclipse
आज 27 जुलाई को सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण और पूर्णिमा दोनों एक साथ हैं। यह एक राशि के लिए घातक है और इस दिन एक काम भूलकर भी नहीं करना चाहिए। अगर करेंगे तो मुसीबत झेलेंगे।
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Lunar eclipse
104 साल बाद सदी का सबसे लंबा ग्रहण लगने जा रहा है। शनि मंदिर के शास्त्री पंडित उदयवीर ने बताया कि आषाढ़ पूर्णिमा पर लगने वाला यह चंदग्रहण, खग्रास चंद्रग्रहण होगा। यह 3 घंटे 55 मिनट का होगा। अब तक का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण 1700 साल पहले पड़ा था। ग्रहण का सूतक दोपहर बाद 2.54 बजे प्रारंभ होगा। ग्रहण रात 11.54 मिनट से सुबह 3 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। सूतक लगने के कारण शाम के समय मंदिर के कपाट नहीं खुलेंगे।
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lunar eclipse
देवालय पूजक परिषद् के कोषाध्यक्ष और सेक्टर 18 स्थित राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दूबे के अनुसार, यह ग्रहण आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा और उत्तराषाढ़ नक्षत्र के अंतिम दो घटी एवं श्रवण नक्षत्र के आद में खग्रास चंद्रग्रहण होगा। उत्तराषाढ़ के चतुर्थ चरण में होने के कारण उत्तराषाढ़ के चतुर्थ चरण एवं श्रवण नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के लिए यह ग्रहण घातक है। विशेषकर मकर राशि के जातकों के लिए ग्रहण हानिकारक रहेगा। कुछ विशिष्ट व्यक्तियों एवं शासकों के लिए भी संघर्षमय स्थिति उत्पन्न करेगा।

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lunar eclipse
खग्रास चंद्र ग्रहण के समय मकरस्थ चंद्र के साथ स्थित मंगल और केतु पर राहु, सूर्य और बुध की दृष्टि है। सूर्य राहु के साथ शनि का षडष्टक योग भी बन रहा है। 104 साल बाद ये संयोग बन रहा है। पंडित उदयवीर ने बताया कि मेष, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि पर चंद्रग्रहण का अच्छा असर पड़ेगा। वहीं मिथुन, तुला, मकर और कुंभ राशि पर ठीक प्रभाव नहीं रहेगा। इसके अलावा वृषभ, कर्क, धनु और कन्या पर चंद्रग्रहण का प्रभाव मिश्रित रहेगा।
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lunar eclipse
दूसरी ओर, ग्रहण के दिन ही गुरु पूर्णिमा भी है तो इस दिन मोटरसाइकिल दुर्घटना होने की आशंका अधिक रहती है। कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो और अमेरिका की प्रिंसेटन यूनिवर्सिटी के एक संयुक्त अध्ययन में कहा गया है कि ड्राइविंग के दौरान हलका सा भी ध्यान भटकना बड़े हादसे का कारण होता है। ऐसे में पूर्णिमा के कारण चांद अधिक बड़ा और रात को आसमान में अधिक चमकदार होता है। इसके चलते ड्राइवर में क्षणिक मनबहलाव यानी ध्यान भटकने की हल्की सी गुंजाइश भी सड़क हादसों को न्यौता देती है। मोटरसाइकिल सवार इससे अधिक प्रभावित होते हैं।
 
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Lunar eclipse
इसके लिए शोधार्थियों ने पूर्णिमा की रातों और साधारण रातों (पूर्णिमा के दिन और उसके एक हफ्ते के बाद वाले दिन) को होने वाली दुर्घटनाओं की संख्या का आंकलन किया। जिसमें पाया गया कि साधारण रातों की तुलना में पूर्णिमा की रात हुई दुर्घटनाओं की संख्या अधिक थी।  हिन्दू धर्म में माघ पूर्णिमा को बहुत खास माना जाता है। इस बार गुरु पूर्णिमा 27 जुलाई 2018 दिन शुक्रवार को पढ़ रही है और इसी दिन चंद्रग्रहण लग रहा है। माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से अमृत वर्षा करते हैं।
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Lunar eclipse
इस प्रकार होगा ग्रहण का स्पर्श और आदि काल
ग्रहण----------------समय
ग्रहण का स्पर्श--------23:54
खग्रास प्रारंभ---------01:00
ग्रहण का मध्य काल---00:54
खग्रास समाप्त--------02:43
ग्रहण का मोक्ष काल---03:49
ग्रहण का पर्व काल----03:55

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चंद्र ग्रहण
मेष- इस राशि के लिए सुख संपत्ति का लाभ होगा।
वृष- मान अपमान का योग है, सावधान रहिए।
मिथुन- शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक परेशानी होगी।
कर्क- पति पत्नी परेशान होंगे।

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चंद्रग्रहण - फोटो : amar ujala
सिंह- सामान्य सुख का योग।
कन्या- मानसिक परेशानी होगी।
तुला- इस राशि वालों के लिए कष्टकारक होगा।
वृश्चिक- जन-धन का लाभ।
धनु- जन-धन की हानि।

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चंद्रग्रहण - फोटो : amar ujala
मकर- विशेष कष्टकर और घातक सरेग है। कुंभ- व्यापार नौकरी और विद्या की हानि। मीन- हर प्रकार से लाभ, सुख संपति की प्राप्ति।

मेष, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि वालों के लिए यह ग्रहण किसी राज योग से कम नहीं है। इनके लिए अत्यंत लाभकारी है। अन्य आठ राशि वालों के लिए कष्टदायक है। वृष मिथुन कर्क कन्या तुला धनु मकर और कुंभ राशियों के लिए यह खग्रास अशुभ है। स्नान, दान, जप आदि करना शुभ रहेगा।

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lunar eclipse 2018 - फोटो : demo
क्या करें, क्या न करें  
चंद्रग्रहण में 3 पहर पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए। बुजुर्ग, बालक और रोगी डेढ़ प्रहर पूर्व तक खा सकते हैं। जिन पदार्थों में कुश या तुलसी की पत्तियां डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं होते। ग्रहण वेद के प्रारंभ में तिल या कुश मिश्रित जल का उपयोग नहीं करना चाहिए। ग्रहण शुरू होने से अंत तक अन्न या जल नहीं लेना चाहिए। चंद्रग्रहण को नंगी आंखों से देख सकते हैं। आप चाहें तो खुले मैदान या फिर पास के किसी पार्क में जाकर चांद का दीदार कर सकते हैं। ग्रहण के समय तुलसी और शमी के पेड़ को नहीं छूना चाहिए।
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lunar eclipse
ग्रहण में किसी भी भगवान की मूर्ति और तस्वीर को स्पर्श नहीं चाहिए। इतना ही नहीं सूतक के समय से ही मंदिर के दरवाजे बंद कर देने चाहिए। ग्रहण के दिन सूतक लगने के बाद छोटे बच्चे, बुजुर्ग और रोगी के अलावा कोई व्यक्ति भोजन नहीं करे। गर्भावस्था की स्थिति में ग्रहण काल के समय अपने कमरे में बैठ कर के भगवान का भजन ध्यान मंत्र या जप करें। कैंची, चाकू या फिर किसी भी धारदार वस्तु का प्रयोग नहीं करना चाहिए। किसी को किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं देना चाहिए।
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