चतुर्मास चल रहा है, तो इन चार महीनों में भक्तों की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। इसके लिए किस देवता की और कैसे पूजा उपासना करें, जानने के लिए क्लिक करें।
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सूर्य उपासना
चतुर्मास में किस देवी देवता की उपासना
आषाढ़ के महीने में अंतिम समय में भगवान वामन और गुरु पूजा का विशेष महत्व होता है। सावन के महीने में भगवान शिव की उपासना होती है और उनकी कृपा सरलता से मिलती है। भाद्रपद में भगवान कृष्ण का जन्म होता है और उनकी कृपा बरसती है। आश्विन के महीने में देवी और शक्ति की उपासना की जाती है। कार्तिक के महीने में पुनः भगवान विष्णु का जागरण होता है और सृष्टि में मंगल कार्य आरम्भ हो जाते हैं।
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worship
किस मनोकामना के लिए कैसी पूजा उपासना करें
आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु की पूजा उपासना करें, इससे जीवन के हर संकट दूर होंगे। सावन में भगवान शिव की पूजा करें, इससे विवाह, सुख और आयु की प्राप्ति होगी। भाद्रपद में भगवान कृष्ण की उपासना करें, इससे संतान और विजय का वरदान मिलेगा। आश्विन में देवी और श्रीराम की उपासना करें, इससे विजय, शक्ति और आकर्षण का वरदान मिलेगा। कार्तिक में श्रीहरि और तुलसी की उपासना होती है, इससे राज्य सुख और मुक्ति मोक्ष का वरदान मिलता है। गायत्री मंत्र, पीपल की पूजा और एक समय के आहार से पूर्ण रूप से तेज भक्ति और आयु की प्राप्ति होती है।
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maa durga worship
श्रावण के महीने में कामना पूर्ति के लिए क्या करें?
विवाह के लिए श्रावण में शिवलिंग पर रोज बेलपत्र और जल अर्पित करें। वैवाहिक जीवन के लिए शिव और पार्वती की संयुक्त पूजा करें। आयु रक्षा और स्वास्थ्य की समस्याओं के लिए श्रावण में नित्य शिव पुराण का पाठ करें। ग्रह बाधा से निपटने के लिए श्रावण में सपरिवार रुद्राभिषेक करवाएं। श्रावण में एक रुद्राक्ष जरूर धारण करें। इस माह में पत्तेदार सब्जियां और साग का सेवन न करें।
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मां शीतला चौकिया
भाद्रपद के महीने में कामना पूर्ति के लिए क्या करें?
संतान की प्राप्ति के लिए पूरे माह संतान गोपाल मन्त्र या संतान गोपाल स्तोत्र का पाठ करें। संतान की उन्नति के लिए श्रीमदभागवद का अध्ययन और पूजन करें। इस माह में श्रीकृष्ण जन्म उत्सव का आयोजन भी संतान के लिए सुखकारक होता है। जीवन में प्रेम आकर्षण और सुख शांति के लिए पूरे माह गीता का अध्ययन करें। पूरे माह सफ़ेद चन्दन का तिलक लगाना भी कल्याणकारी होता है। इस माह में दही का सेवन न करें।
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shiv temple
अश्विन महीने में वरदान पाने के लिए क्या करें?
शक्ति की प्राप्ति के लिए नियमित रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। विजय के लिए नवार्ण मन्त्र का जाप और हवन करते रहें। रक्षा के लिए देवी कवच का पाठ करें और माँ काली की लाल पुष्पों से आराधना करें। सौभाग्य और राज्य प्राप्ति के लिए सहस्त्रचण्डी यज्ञ से लाभ होगा। मुकदमों और विवादों से छुटकारे के लिए पूरे माह देवी के बत्तीस नामों का पाठ करें। पूरे माह में देवी की लाल फूलों से आराधना विशेष शुभ होती है। इस माह में लाल चन्दन का तिलक लगाना लाभ देता है। आश्विन में दाल का सेवन नहीं करना चाहिए।
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temple
कार्तिक के महीने में वरदान पाने के लिए क्या करें?
धन की दरिद्रता दूर करने के लिए पूरे माह माँ लक्ष्मी की उपासना करें। श्री सूक्त का पूरे माह रात्रि को पाठ करें। वैवाहिक जीवन की किसी भी समस्या को दूर करने के लिए तुलसी और शालिग्राम का विवाह करवाएं। दीपावली की रात्रि को ध्यान जरूर करें और मुक्ति मोक्ष की प्रार्थना करें। श्रीहरि के निद्रा के जगने का पर्व मनाएं। अपने भाग्य को जगाने की प्रार्थना करें। इस माह में तुलसी का पूजन करने से समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इस महीने में दूध का सेवन नहीं करना चाहिए।
हिन्दू धर्म में चार विशेष महीने होते हैं, जिनमे उपवास, व्रत और जप ताप का विशेष महत्व होता है। ये चार महीने हिन्दू धर्म में सर्वाधिक पवित्र माने जाते हैं। इनमें जप, तप और ध्यान का विशेष महत्व है। चतुर्मास में अगर केवल एक ही वेला भोजन किया जाय तो सर्वोत्तम होगा। इन चार महीनों में जितना सात्विक रहा जाय, उतना ही उत्तम होगा। श्रावण में शाक का, भाद्रपद में दही, अश्विन में दूध और कार्तिक में दाल का त्याग करना चाहिए। जल का अधिक से अधिक प्रयोग करें। जितना सम्भव हो मन को ईश्वर में लगाने का प्रयत्न करें।